
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और लंबित भर्तियों को लेकर छात्रों का आंदोलन अब तेज होने जा रहा है। दिल्ली और रांची में छात्र आंदोलनों के बाद अब पटना में भी अभ्यर्थी सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में 18 अगस्त से गर्दनीबाग धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन महाधरना और आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया गया है।
छात्र नेताओं का कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
TRE-4 समेत इन मुद्दों को लेकर आंदोलन
छात्रों की प्रमुख मांगों में TRE-4 का विज्ञापन जारी करना, BSSC परीक्षा की तारीख घोषित करना, लाइब्रेरियन भर्ती, BET, दारोगा और सिपाही भर्ती समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में तेजी लाना शामिल है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबित भर्तियों को जल्द पूरा किया जाए और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
TRE-4 के विज्ञापन में देरी से नाराजगी
छात्र नेता दिलीप कुमार का आरोप है कि TRE-4 भर्ती परीक्षा को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
उनका कहना है कि TRE-4 को लेकर सरकार को अब स्पष्ट समयसीमा घोषित करनी चाहिए।
एक ही परीक्षा कराने की मांग
दिलीप कुमार ने TRE-4 के लिए एक ही परीक्षा आयोजित करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि यदि सरकार दो चरणों में परीक्षा कराने की व्यवस्था करना चाहती है तो इसकी शुरुआत TRE-5 से की जाए और उससे पहले पूरा सिलेबस सार्वजनिक किया जाए।
छात्र नेता ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग भी की है। उन्होंने चेतावनी दी कि TRE-4 का विज्ञापन जल्द जारी नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
18 अगस्त को गर्दनीबाग पहुंचने की अपील
छात्र संगठनों ने अभ्यर्थियों से 18 अगस्त को सुबह 10:30 बजे गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचने की अपील की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।



