
वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर गांव में बीते 13 अक्टूबर की रात हुए हृदयविदारक नाव हादसे ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है। 13 मासूम बच्चों की जल समाधि बनने के बाद से पूरे इलाके में भारी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। हर आंख नम है और पीड़ित परिवारों की चीत्कार से माहौल बेहद गमगीन है। इस भीषण त्रासदी के तीसरे दिन, शुक्रवार को बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने रामपुर गांव का दौरा किया। उन्होंने मृत बच्चों के शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाया और इस दुखद घड़ी में सरकार की ओर से हरसंभव मदद प्रदान करने का पूरा भरोसा दिलाया।
सिर्फ तबादले से नहीं चलेगा काम, होगी सख्त कार्रवाई
परिजनों की चीत्कार सुनकर मंत्री दीपक प्रकाश भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जिन माताओं की गोद सूनी हुई है, उनके दुख को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। सरकार इस अपूरणीय क्षति में पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।इस दौरान मंत्री दीपक प्रकाश ने वैशाली जिला प्रशासन द्वारा अब तक की गई कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। गौरतलब है कि जिलाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर राघोपुर के अंचलाधिकारी (सीओ) दीपक कुमार का महज तबादला कर दिया गया है। इस प्रशासनिक कदम को सिरे से खारिज करते हुए पंचायती राज मंत्री ने स्पष्ट और सख्त लहजे में कहा कि इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी में केवल एक अधिकारी का तबादला कर देने से काम नहीं चलेगा। यह कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि एक बड़ी लापरवाही का परिणाम है। मंत्री ने दो टूक कहा, “केवल तबादला किसी समस्या का समाधान या सजा नहीं हो सकता। इस मामले में जिनकी भी संलिप्तता या लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ मुकम्मल और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हम सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।”
प्रशासनिक चूक स्वीकार, स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी बेहतर
मंत्री दीपक प्रकाश ने खुले तौर पर यह स्वीकार किया कि इस दर्दनाक घटना में प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चूक (कॉलेप्स) हुई है। प्रशासन को जिस तत्परता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए था, उसमें भारी कमी देखी गई है। इसके साथ ही उन्होंने राघोपुर क्षेत्र की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं पर भी गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में बुनियादी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से त्वरित रूप से निपटा जा सके और ऐसी अवांछित घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से रोका जा सके।
क्या है पूरा मामला
विदित हो कि बीते 13 तारीख (मंगलवार) की रात लगभग साढ़े आठ बजे रामपुर गांव के समीप 21 लोगों से भरी एक छोटी नाव अनियंत्रित होकर गहरे पानी में पलट गई थी। अंधेरा होने और बचाव कार्य में हुई भारी देरी के कारण 13 मासूम बच्चों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे के बाद से ही राघोपुर में राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों का आना-जाना लगातार जारी है। अब पंचायती राज मंत्री के कड़े रुख और सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद बंधी है।



