
पटना। बिहार की राजनीति में पटना स्नातक एमएलसी चुनाव (Patna Graduate MLC Election) ने अचानक एक हाई-वोल्टेज ड्रामे का रूप ले लिया है। चुनावी अखाड़े में प्रत्याशी एक-दूसरे को मात देने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, लेकिन असली सियासी तपिश सत्ताधारी दल के भीतर ही महसूस की जा रही है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और इस चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार ने अपने राजनीतिक विरोधी और बाहुबली नेता अनंत सिंह को बिना नाम लिए सीधी और खुली चुनौती दे डाली है। बाढ़ में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए नीरज कुमार ने बेहद तल्ख तेवर में कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर किसी ने भी अनैतिक हमला किया, तो उनके तरकश से ‘विषैला तीर’ निकलना तय है।
‘क्या मैं आपको अपराधी या गुंडा नजर आता हूं?’
बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान नीरज कुमार का एक अलग ही आक्रामक रूप देखने को मिला। अपने दशकों पुराने राजनीतिक अनुभव और बेदाग छवि का हवाला देते हुए उन्होंने सीधे जनता की अदालत में खुद को पेश किया। नीरज ने भारी भीड़ से हाथ उठवाकर सवाल किया, “आप लोग मुझे 30-40 साल से जानते हैं। आप ही बताइए, क्या मैं आपको कोई अपराधी लगता हूं? क्या मैं कोई गुंडा या बदमाश हूं? क्या मैंने आज तक सार्वजनिक जीवन में किसी के खिलाफ कोई अपशब्द या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है?” उनका यह बयान सीधे तौर पर उन लोगों पर तंज था, जो बाहुबल और खौफ की राजनीति के जरिए क्षेत्र में अपना दबदबा बनाते हैं। नीरज कुमार ने अपने भाषण की धार तेज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि वे व्यक्तिगत आलोचनाओं से नहीं घबराते, लेकिन अपनी पार्टी के सर्वमान्य नेता का अपमान उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने मंच से गरजते हुए कहा, “मुझे कोई कितनी भी गाली दे, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। लेकिन, अगर नीतीश कुमार पर राजनीतिक या अनैतिक हमला हुआ, तो मेरा विषैला तीर जरूर चलेगा।” उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी साफ किया कि हमलावर चाहे अपनी ही पार्टी का कोई व्यक्ति हो, सहयोगी दल का नेता हो या फिर विरोधी दल का, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सियासी गलियारों में नीरज कुमार के इस बयान को मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह के लिए सीधा जवाब माना जा रहा है। गौरतलब है कि अनंत सिंह पिछले कुछ समय से खुलकर नीरज कुमार की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं। यहां तक कि वे जन सुराज समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में अपनी ताकत झोंक रहे हैं। बाढ़ और मोकामा, जो कि अनंत सिंह का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, वहां जाकर नीरज कुमार द्वारा इस तरह की दहाड़ लगाना एक बड़े सियासी वर्चस्व की लड़ाई का शंखनाद है।
जनता से मांगा 3 कार्यकालों का न्याय
सियासी गलियारों में नीरज कुमार के इस बयान को मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह के लिए सीधा जवाब माना जा रहा है। गौरतलब है कि अनंत सिंह पिछले कुछ समय से खुलकर नीरज कुमार की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं। यहां तक कि वे जन सुराज समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में अपनी ताकत झोंक रहे हैं। बाढ़ और मोकामा, जो कि अनंत सिंह का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, वहां जाकर नीरज कुमार द्वारा इस तरह की दहाड़ लगाना एक बड़े सियासी वर्चस्व की लड़ाई का शंखनाद है। भाषण के अंत में नीरज कुमार ने जनता से भावनात्मक अपील भी की। उन्होंने बाढ़ को अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि बताते हुए खुद को न्याय का आकांक्षी बताया। नीरज ने कहा, “मैं आपके बीच न्याय मांगने आया हूं। मैं तीन बार से बिहार विधान परिषद का सदस्य रहा हूं। आप खुद तय कीजिए कि क्या इन वर्षों में मेरे किसी काम से आपका सिर कभी शर्म से झुका है?”बहरहाल, पटना स्नातक सीट का यह चुनाव अब केवल विकास के मुद्दों तक सीमित नहीं रह गया है। यह बाहुबल बनाम बेदाग छवि और साख की बड़ी लड़ाई में तब्दील हो चुका है। अब पूरे बिहार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीरज कुमार के इस ‘विषैले तीर’ वाले बयान पर अनंत सिंह के खेमे से क्या पलटवार होता है।



