
मोतिहारी। जिले में कर अपवंचना और बिना पक्के बिल के बड़े पैमाने पर हो रहे कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए वाणिज्य-कर (जीएसटी) विभाग ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने मोतिहारी शहर के हृदयस्थली माने जाने वाले गुदरी बाजार और अवधेश चौक इलाके में एक बड़ी छापामारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अचानक हुई छापेमारी से शहर के उन तमाम कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, जो लंबे समय से कर चोरी के सहारे अपना व्यापार चमका रहे थे। वाणिज्य-कर आयुक्त-सह-सचिव, बिहार, पटना के सख्त दिशा-निर्देशों के आलोक में मोतिहारी जीएसटी विभाग और जीएसटी अन्वेषण ब्यूरो मुजफ्फरपुर की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने पूरी गोपनीयता बरतते हुए शहर के एक प्रतिष्ठित और बड़े पटाखा कारोबारी के प्रतिष्ठान पर धावा बोला और जांच की प्रक्रिया शुरू की।गुदरी बाजार स्थित इस बड़े पटाखा कारोबारी के यहां हुई यह कार्रवाई घंटों तक चली। विभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने प्रतिष्ठान के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली और वहां मौजूद तमाम कागजातों को अपने कब्जे में ले लिया। इस सघन जांच और निरीक्षण के दौरान टीम ने लगभग साठ लाख रुपये मूल्य का माल जब्त किया है। बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों का स्टॉक बिना उचित दस्तावेजों और कर भुगतान के रखा गया था। माल की जब्ती के बाद अब विभागीय अधिकारी कारोबारी के खरीद-बिक्री के सभी रिकॉर्ड, पिछले कई महीनों के स्टॉक विवरण, कंप्यूटर में दर्ज डेटा और अन्य कारोबारी अभिलेखों की अत्यंत सूक्ष्मता से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि जो माल मौके पर पाया गया है, उसका मिलान उपलब्ध कागजातों से हो रहा है या नहीं। इसके लिए माल का बाकायदा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है, ताकि कर चोरी के वास्तविक आंकड़े को सामने लाया जा सके।
मोतिहारी में पटाखा कारोबारी पर GST की रेड
पटाखा कारोबारी के प्रतिष्ठान पर कार्रवाई के साथ ही जीएसटी विभाग की इस संयुक्त टीम ने अपना रुख शहर के अवधेश चौक की तरफ किया। अवधेश चौक स्थित एक नामचीन ट्रांसपोर्टर के परिसर और गोदाम में भी अधिकारियों ने दबिश दी। माल ढुलाई के जरिए होने वाली कर चोरी को पकड़ने के लिए यह कदम उठाया गया। ट्रांसपोर्टर के गोदाम में रखे विभिन्न प्रकार के सामानों की गहन पड़ताल की गई। इस दौरान अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टर से माल से संबंधित इनवॉयस, ई-वे बिल, बिल्टी और स्टॉक रजिस्टर की मांग की। जांच के क्रम में यह बात सामने आई कि गोदाम में रखे कई कीमती सामानों के संबंध में ट्रांसपोर्टर द्वारा मौके पर कोई वैध इनवॉयस या ई-वे बिल प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इतना ही नहीं, जिन कागजातों को प्रस्तुत किया गया, उनमें दर्ज विवरण और गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक के बीच भारी विसंगति और अंतर पाया गया है। बिना ई-वे बिल के माल की यह हेराफेरी सीधे तौर पर बड़े पैमाने पर हो रही कर चोरी की ओर इशारा करती है।
ट्रांसपोर्टर भी रडार पर
इस पूरी कार्रवाई के संबंध में राज्य-कर संयुक्त आयुक्त (प्रभारी), मोतिहारी, संतोष कुमार ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य कर अनुपालन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना और संभावित कर अपवंचना पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई है, उनके खरीद-बिक्री के विस्तृत विवरण, पिछले समय में भरे गए जीएसटी रिटर्न, उनके द्वारा किए गए कर भुगतान और वर्तमान स्टॉक से जुड़े सभी दस्तावेजों की क्रॉस-चेकिंग की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कर अपवंचना की सटीक राशि का आकलन कर नियमानुसार जुर्माना और आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, संयुक्त आयुक्त ने जिले के सभी करदाताओं और व्यवसायियों से अपील की है कि वे अपने वास्तविक कारोबार का सही और पारदर्शी लेखांकन करें और समय पर अपना कर चुकाएं। इस बड़ी रेड के बाद से मोतिहारी के व्यावसायिक हलकों में सन्नाटा पसरा हुआ है और कई व्यापारी अपने कागजात दुरुस्त करने में जुट गए हैं।



