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‘जनता मालिक है, हमर भगवान हैं.. वह माफ़ कर देंगे’, आखिर MLC चुनाव प्रचार में क्यों भावुक हुए अनंत सिंह?

पटना। बिहार की सियासत में अपने कड़े तेवरों और खास अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले मोकामा विधायक व जेडीयू के कद्दावर नेता अनंत सिंह इन दिनों एक अलग ही अवतार में नजर आ रहे हैं। बिहार विधान परिषद (एमएलसी) की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। इसी चुनावी गहमागहमी के बीच एक ऐसा वाकया सामने आया, जब हमेशा हुंकार भरने वाले अनंत सिंह को बीच मंच से जनता के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘जनता ही मेरी मालिक है, हमर भगवान हैं… वह मुझे जरूर माफ कर देंगे।’ दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अपने समर्थित उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए अनंत सिंह पटना, नालंदा और नवादा जिले के विभिन्न इलाकों का तूफानी दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में बीते दिनों उन्हें पटना जिले के पालीगंज, बिहटा और नौबतपुर इलाकों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाना था। चुनाव प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इन क्षेत्रों में उनके दौरे का कार्यक्रम दो दिनों के लिए निर्धारित किया गया था। लेकिन, आयोजकों और कार्यक्रम प्रबंधन की भारी चूक के कारण दो दिन के इस विस्तृत कार्यक्रम को आनन-फानन में महज एक दिन में ही समेट दिया गया।इस गड़बड़ी का परिणाम यह हुआ कि कई गांवों और कस्बों में अनंत सिंह का घंटों इंतजार कर रहे हजारों समर्थकों को भारी निराशा हाथ लगी। स्थानीय लोगों ने अपने नेता के भव्य स्वागत के लिए फूल-मालाओं के साथ पूरी तैयारी कर रखी थी। लोग लंबे समय तक इंतजार करते रहे, लेकिन समय के अभाव में विधायक का काफिला उनके इलाके तक पहुंच ही नहीं सका।

आयोजकों की चूक से बिगड़ा था कार्यक्रम

जब यह बात अनंत सिंह के कानों तक पहुंची और बिहटा पहुंचने पर कुछ लोगों ने अपनी स्वाभाविक नाराजगी जाहिर की, तो उन्होंने बिना कोई समय गंवाए स्थिति को संभाल लिया। बिहटा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए अनंत सिंह ने अपनी गलती को खुले मंच से स्वीकार किया। उन्होंने अत्यंत विनम्रता के साथ कहा कि कार्यक्रम को लेकर जो शेड्यूल तय था, उसकी सही जानकारी उन तक नहीं पहुंचाई गई।विधायक ने खेद जताते हुए कहा, ‘जिन लोगों ने मेरे स्वागत के लिए इतनी तैयारियां की थीं और मैं उनके पास नहीं पहुंच सका, इसका मुझे व्यक्तिगत रूप से गहरा दुख है। यह बात मुझे भी अंदर से खल रही है।’ इसके बाद उन्होंने मंच से ही हाथ जोड़ लिए और कहा, ‘मैं हाथ जोड़कर आप सभी से विनती करता हूं कि जनता से ऊपर मेरे लिए कोई नहीं है। जनता ही मेरी मालिक है, भगवान है और वही मेरे लिए सबकुछ है। मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरे भगवान रूपी मतदाता मेरी इस भूल को माफ कर देंगे।’

नाराजगी दूर करने का दिया खुला न्योता

जनता की नाराजगी को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से अनंत सिंह ने लोगों को खुला आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी इलाके का कोई व्यक्ति उनसे मिलना चाहता है या किसी को कोई भी समस्या है, तो बस एक बार बुलावा भेज दें, वह जनता के बुलावे पर खुद चलकर वहां पहुंचेंगे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो चुनाव के बीच अनंत सिंह का यह कदम बेहद सधा हुआ और परिपक्व राजनीतिक दांव है। एक ओर जहां वह जनसंपर्क के दौरान अपने विरोधियों पर जमकर गरज रहे हैं और अपने उम्मीदवार को भारी मतों से जिताकर विपक्षियों की जमानत जब्त कराने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जनता के सामने यह नतमस्तक अंदाज यह बताता है कि वे इस चुनाव में कोई रिस्क नहीं लेना चाहते।पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला हर दिन के साथ और भी दिलचस्प होता जा रहा है। अब देखना यह है कि अनंत सिंह का यह ‘माफीनामा’ और जनता से यह सीधा व भावुक संवाद उनके उम्मीदवार के पक्ष में कितना असरदार साबित होता है। हालांकि, उनका यह बदला हुआ अंदाज सियासी गलियारों में चर्चा का विषय जरूर बन गया है।

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