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जितिया पर्व की खुशियां मातम में तब्दील: जिन बच्चों की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा था निर्जला व्रत, नदी में डूबने से उन्हीं तीन की दर्दनाक मौत

पटना। संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर माताओं द्वारा किए जाने वाले जितिया (जिउतिया) पर्व के दिन नालंदा जिले से एक ऐसी मनहूस खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिन माताओं ने अपने कलेजे के टुकड़ों की लंबी उम्र के लिए अन्न-जल त्याग कर कठिन निर्जला व्रत रखा था, क्रूर नियति ने उसी दिन उनकी गोद सूनी कर दी। जिले के तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों—दीपनगर, मानपुर और छबीलापुर—में नदी में स्नान करने के दौरान डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद जहां एक ओर त्योहार की खुशियां चीख-पुकार और मातम में बदल गईं, वहीं पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।

पंचाने नदी के गहरे पानी में समा गया 14 वर्षीय मोहित

पहली घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बियाबानी गांव में घटित हुई। गांव निवासी 14 वर्षीय किशोर मोहित राज अपनी मां के साथ जितिया पर्व के पवित्र मौके पर पंचाने नदी में स्नान करने के लिए गया हुआ था। बताया जाता है कि नदी में स्नान करने के दौरान मोहित अचानक गहरे पानी की ओर चला गया और तेज बहाव तथा गहराई का अंदाजा न लगने के कारण वह डूबने लगा। बच्चे को डूबता देख वहां मौजूद ग्रामीणों और उसकी मां के होश उड़ गए। लोगों ने त्वरित तत्परता दिखाते हुए उसे बचाने का भरसक प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। इस घटना के बाद बियाबानी गांव में कोहराम मच गया।

जीराइन नदी ने छीनी 12 वर्षीय पूनम की सांसें

दूसरी दुखद घटना मानपुर थाना क्षेत्र के बिलासपुर गांव की है। यहां रहने वाले एक परिवार की 12 वर्षीय बेटी पूनम कुमारी भी जितिया पर्व के स्नान के लिए परिजनों के साथ जीराइन नदी गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य स्नान करने के पश्चात घर लौट आए, परंतु पूनम घर नहीं पहुंची। बेटी के घर न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ी और उन्होंने आनन-फानन में उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच रास्ते से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने बच्ची को पानी में उतराता हुआ देखा। सूचना पाकर परिजन घाट पर पहुंचे तथा उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। तीसरी दर्दनाक घटना छबीलापुर थाना क्षेत्र के सरबहदी गांव में शनिवार शाम को हुई। मनीष कुमार का 10 वर्षीय पुत्र हिमांशु राज अपनी मां के साथ गांव के समीप नदी में स्नान करने गया था। स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने के कारण हिमांशु डूब गया। वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। आंखों के सामने बेटे की मौत देख मां बेसुध हो गई और परिवार में चीख-पुकार मच गई।

सदर अस्पताल में हुआ शवों का पोस्टमार्टम

इन तीनों घटनाओं की सूचना मिलते ही संबंधित थानों (दीपनगर, मानपुर और छबीलापुर) की पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का मुआयना करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की और तीनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। एक ही दिन में तीन बच्चों की डूबने से हुई मौत ने पूरे प्रशासनिक अमले को भी सकते में डाल दिया है। पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के लिए स्थानीय लोगों का तांता लगा हुआ है, लेकिन माताओं का रो-रोकर बुरा हाल है।

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