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मोतिहारी नगर थाने में आधी रात डीआइजी का औचक निरीक्षण, मची खलबली

मोतिहारी । चंपारण रेंज के डीआइजी हर किशोर राय ने आधी रात मोतिहारी नगर थाने का औचक निरीक्षण किया। अचानक डीआइजी के थाने पहुंचने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने के मामले में डीआइजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच सिपाहियों और एक मुंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, पर्यवेक्षण में घोर लापरवाही बरतने पर नगर थानाध्यक्ष का पांच दिनों का वेतन भी स्थगित कर दिया गया है। इस कड़ी कार्रवाई से पूरे जिले की पुलिस में खलबली मची हुई है।जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात जब शहर सो रहा था, तब आधी रात को अचानक डीआइजी हर किशोर राय दलबल के साथ नगर थाना पहुंच गए। उनके पहुंचते ही वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। करीब तीन घंटे तक चले इस सघन निरीक्षण अभियान में डीआइजी ने थाने की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की। उन्होंने स्टेशन डायरी, थाना की विभिन्न पंजियों, महत्वपूर्ण अभिलेखों, लंबित कांडों और उनके अनुसंधान की प्रगति रिपोर्ट का गहनता से अवलोकन किया। इसी दौरान रजिस्टर और ड्यूटी रोस्टर के मिलान में यह खुलासा हुआ कि कुछ पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी से अकारण गायब हैं।

आधी रात डीआइजी का औचक निरीक्षण

ड्यूटी से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए जाने पर डीआइजी ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने मौके पर ही तीन महिला सिपाही, एक साक्षर सिपाही और एक अन्य सिपाही सहित कुल पांच सिपाहियों को सस्पेंड करने का कड़ा आदेश दे दिया। इसके अलावा थाने के एक मुंशी पर भी निलंबन की गाज गिरी है। निरीक्षण के क्रम में यह भी सामने आया कि थाना स्तर पर मामलों के पर्यवेक्षण में भारी लापरवाही बरती जा रही है। इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए डीआइजी ने नगर थानाध्यक्ष का पांच दिनों का वेतन रोकने का कड़ा निर्देश दिया।डीआइजी हर किशोर राय ने थाना में लंबित कांडों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा भी की।

ड्यूटी से नदारद पांच सिपाही व एक मुंशी निलंबित

उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं (आइओ) से पुराने और लंबित मामलों की जानकारी तलब की और सख्त लहजे में कहा कि सभी कांडों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि गंभीर एवं महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि अनुसंधान में अनावश्यक विलंब न हो। पुलिस पदाधिकारियों को चेताया गया कि अनुसंधान के प्रत्येक चरण की सूक्ष्म निगरानी होनी चाहिए।डीआइजी ने दो टूक शब्दों में कहा कि थाने की दैनिक कार्यप्रणाली, ड्यूटी रोस्टर और अभिलेखों के संधारण में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। आधी रात को हुई इस हाई-वोल्टेज कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को अब बख्शा नहीं जाएगा।

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