
मोतिहारी । नेपाल में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण गंडक नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी के उफान से पूर्वी चंपारण जिले में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। इस बीच, एक तरफ जहां पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है, वहीं जनप्रतिनिधि की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। गोविंदगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नवादा पंचायत के मननपुर गांव के समीप चंपारण तटबंध अचानक धंसने लगा और नदी का पानी तेजी से रिसने लगा। हालांकि, स्थानीय विधायक राजू तिवारी की तत्परता, प्रशासन और ग्रामीणों की सक्रियता से एक बड़ा हादसा समय रहते टल गया। तटबंध धंसने और पानी के तेज रिसाव की सूचना मिलते ही इलाके में दहशत फैल गई। सूचना पाते ही स्थानीय लोजपा (रामविलास) विधायक राजू तिवारी बिना समय गंवाए जेसीबी और सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए। तटबंध को टूटने से बचाने के लिए विधायक ने खुद मोर्चा संभाल लिया। वे ट्रैक्टर से बालू और मिट्टी से भरी बोरियां अपने कंधों पर ढोकर रिसाव वाली जगह पर डालने लगे। अपने जनप्रतिनिधि को इस तरह पसीना बहाते और बोरा ढोते देख ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं का मनोबल भी दोगुना हो गया। सबने मिलकर युद्ध स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया और पानी के तेज रिसाव को रोक दिया।
विधायक को बोरा ढोते देख ग्रामीणों में आया जोश
गंडक नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाने के कारण जिले के अरेराज, संग्रामपुर, केसरिया और पहाड़पुर प्रखंड की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इन प्रखंडों की लगभग डेढ़ दर्जन पंचायतें पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ चुकी हैं। पिछले तीन दिनों से जारी उफान के कारण मलाही से लेकर संग्रामपुर तक करीब आधा दर्जन स्थानों पर चंपारण तटबंध पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है। इससे पूर्व सरेया पंचायत के पांडेय टोला के पास मनरेगा योजना के तहत बना रिंग बांध पानी के भारी दबाव से टूट गया था। इसके टूटने से एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे हजारों की आबादी प्रभावित हुई है। गंडक नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाने के कारण जिले के अरेराज, संग्रामपुर, केसरिया और पहाड़पुर प्रखंड की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इन प्रखंडों की लगभग डेढ़ दर्जन पंचायतें पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ चुकी हैं। पिछले तीन दिनों से जारी उफान के कारण मलाही से लेकर संग्रामपुर तक करीब आधा दर्जन स्थानों पर चंपारण तटबंध पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है। इससे पूर्व सरेया पंचायत के पांडेय टोला के पास मनरेगा योजना के तहत बना रिंग बांध पानी के भारी दबाव से टूट गया था। इसके टूटने से एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे हजारों की आबादी प्रभावित हुई है।
तीन दिनों से तटबंध पर कैंप कर रहे हैं विधायक
विधायक राजू तिवारी पिछले तीन दिनों से लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में कैंप कर रहे हैं और तटबंध की निगरानी में जुटे हैं। उनके सक्रिय प्रयास और ग्रामीणों की अभूतपूर्व एकजुटता का ही परिणाम है कि सखवा, मननपुर, इजारा और नगदहा जैसे अति संवेदनशील स्थलों पर हो रहे रिसाव पर समय रहते काबू पा लिया गया। इस सामूहिक प्रयास ने न सिर्फ चंपारण तटबंध को सुरक्षित रखा है, बल्कि हजारों घरों को जलमग्न होने की भारी त्रासदी से भी बचा लिया है। नदी के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन और ग्रामीण अभी भी अलर्ट मोड पर हैं।



