
पटना। बिहार को टीबी (यक्ष्मा) मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी ताकत झोंक दी है। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बुधवार को राजधानी पटना के लोक भवन में ‘टीबी मुक्त बिहार’ विषय पर एक उच्चस्तरीय विचार-विमर्श संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने शिरकत की, जबकि अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने की। संगोष्ठी में टीबी की समय पर पहचान और जनभागीदारी पर मंथन हुआ। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि सरकार बिहार को टीबी मुक्त बनाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है। उन्होंने 10 जून 2026 को राज्यपाल द्वारा दिए गए सुझावों को विभाग के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। मंत्री ने बताया कि टीबी जांच व इलाज की सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। पटना के अगमकुआं स्थित केंद्र, दरभंगा, भागलपुर और आईजीआईएमएस में अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। पावापुरी में नया केंद्र निर्माणाधीन है। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एसकेएमसीएच, डीएमसीएच, जेएलएनएमसीएच व एएनएमएमसीएच में ‘ड्रग रेजिस्टेंट टीबी’ के विशेष नोडल केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
अस्पतालों में मजबूत हो रहा जांच व इलाज का ढांचा
राज्य के सभी 38 जिलों में जिला टीबी केंद्र संचालित हैं। मरीजों की निःशुल्क एक्सरे जांच के लिए 499 केंद्र काम कर रहे हैं। दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए पटना, दरभंगा सहित प्रत्येक जिले में दवा भंडार की व्यवस्था है। अभियान के प्रभावी संचालन के लिए समितियां गठित की गई हैं। बिहार में अब तक 3 करोड़ 50 लाख 61 हजार लोगों की सघन स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें 3 लाख 97 हजार 409 टीबी मरीजों की पहचान कर उनका इलाज चल रहा है। परिवारों को भी बचाव की जानकारी दी जा रही है। निक्षय पोषण योजना के तहत चिह्नित मरीजों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। निक्षय मित्रों के सहयोग से अब तक 66 हजार फूड बास्केट बांटे गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने युवाओं से निक्षय मित्र बनने की अपील की। मरीज उपचार बीच में न छोड़ें, इसके लिए उन्हें प्रेरित किया जा रहा है और बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। मंत्री ने कहा कि विभाग मरीजों का इंतजार करने के बजाय उन तक पहुंचकर घर-घर स्क्रीनिंग कर रहा है।
फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों का हुआ सम्मान
इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों और टीबी चैंपियनों को सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने ‘निक्षय शपथ’ लेकर टीबी मुक्त बिहार का संकल्प दोहराया। इस मौके पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह, स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि, वरीय पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स व माई भारत के युवा स्वयंसेवक मौजूद रहे।



