
पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, शांति व्यवस्था कायम रखने तथा किसी भी प्रकार की आपातकालीन व आकस्मिक स्थितियों से कड़ाई से निपटने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में गृह विभाग के एक अहम प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस फैसले के तहत अब बिहार पुलिस के बेड़े में 30 नए वाटर कैनन (जल तोप) और 86 नए वज्र वाहनों को शामिल किया जाएगा। इन आधुनिक और दंगा-रोधी वाहनों की खरीद पर राज्य सरकार के खजाने से कुल 62 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस कैबिनेट बैठक में विकास और प्रशासन से जुड़े कुल 30 एजेंडों पर मुहर लगाई गई, जिनमें पुलिस आधुनिकीकरण और भीड़ नियंत्रण से जुड़ा यह प्रस्ताव विशेष रूप से चर्चा में रहा। सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एक वाटर कैनन की अनुमानित कीमत 88 लाख रुपये है। इस लिहाज से 30 वाटर कैनन की खरीद पर सरकार कुल 26 करोड़ 40 लाख रुपये की धनराशि व्यय करेगी।वहीं, दूसरी ओर उपद्रवियों से निपटने में इस्तेमाल होने वाले एक वज्र वाहन (एंटी-रॉयट व्हीकल) की कीमत 42 लाख रुपये आंकी गई है। राज्य भर के संवेदनशील जिलों और पुलिस बलों के लिए 86 ऐसे नए वज्र वाहन खरीदे जाएंगे, जिन पर कुल 36 करोड़ 12 लाख रुपये का खर्च आएगा। इस प्रकार, इन दोनों श्रेणियों के विशेष वाहनों की खरीद के लिए 62.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
बजट और खरीद का पूरा गणित
इन भारी वाहनों की खरीद का मुख्य उद्देश्य राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था को हर चुनौती के बीच बनाए रखना है। गृह विभाग का मानना है कि इन वाहनों के पुलिस महकमे में शामिल होने से आगामी त्योहारों, बड़े मेलों, विशाल चुनावी रैलियों और विशिष्ट तथा अतिविशिष्ट महानुभावों (वीआईपी/वीवीआईपी) के परिभ्रमण कार्यक्रमों के दौरान भीड़ नियंत्रण में व्यापक सहूलियत होगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के विभिन्न हिस्सों में होने वाले हिंसक भूमि विवाद, राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं के बाद उपजे जनाक्रोश, उग्र छात्र आंदोलन, सांप्रदायिक संवेदनशीलता तथा अन्य किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित और तनावपूर्ण स्थिति में यह वाहन पुलिस के लिए बेहद मददगार साबित होंगे।
त्योहारों से लेकर छात्र आंदोलनों तक में मिलेगी मदद
गौरतलब है कि बिहार सरकार लगातार पुलिस महकमे को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की दिशा में कार्य कर रही है। वज्र वाहन जहां एक ओर पुलिसकर्मियों को उपद्रवियों के जानलेवा पथराव और हमलों से सुरक्षित रखते हुए उन्हें घटनास्थल तक पहुँचने में मदद करते हैं, वहीं वाटर कैनन तेज धार वाले पानी की बौछार से बिना किसी गंभीर शारीरिक चोट के उग्र भीड़ को तितर-बितर करने का एक अचूक साधन है। सरकार के इस कदम से यह स्पष्ट संदेश गया है कि राज्य में शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों से अब और भी अधिक सख्ती के साथ निपटा जाएगा।



