
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता एवं मनेर विधायक भाई वीरेंद्र ने शनिवार को बांका में केंद्र की एनडीए सरकार, बिहार सरकार और भारत निर्वाचन आयोग पर तीखा प्रहार किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और उन पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया। अपने बयानों से सियासी पारा चढ़ाते हुए राजद नेता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सीधे तौर पर ‘भाजपा का एजेंट’ करार दिया और चेतावनी दी कि जब तक उन्हें पद से हटाया नहीं जाता, राजद का आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। हालिया चुनावों में निर्वाचन आयोग की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में आयोग ने सत्ताधारी एनडीए के पक्ष में काम किया। उन्होंने राज्य के युवाओं और विशेषकर ‘जेनरेशन-जेड’ से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर चुनाव आयोग की पक्षपातपूर्ण नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। गौरतलब है कि आगामी 2025 के चुनावों से पूर्व मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में पहले से ही बहस छिड़ी हुई है।
युवाओं से जंतर-मंतर कूच का आह्वान
बिहार की बदलती सियासत और भविष्य के गठबंधनों के सवाल पर भाई वीरेंद्र ने एक बड़ा सियासी संकेत दिया। राजद और जदयू के फिर से साथ आने की संभावनाओं को खुला रखते हुए उन्होंने कहा कि ‘राजनीति में संभावनाओं से कभी इनकार नहीं किया जा सकता।’ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए उन्होंने याद दिलाया कि नीतीश जी ने ही कभी भाजपा को ‘बड़का झूठा पार्टी’ कहा था, लेकिन आज उसी के साथ सरकार चला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राजद और जदयू के बीच पहले भी दो बार समीकरण बने हैं और भविष्य में तीसरी बार ऐसा होना कोई असंभव बात नहीं है। भाजपा को देश और राज्य की तरक्की के लिए खतरा बताते हुए राजद नेता ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के बहुमूल्य संसाधनों और सार्वजनिक संपत्तियों को औने-पौने दामों में बेचा जा रहा है। इस दौरान उन्होंने उद्योगपति गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए कहा कि पूरी सरकार चंद बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने में लगी है।
देश की संपत्ति उद्योगपतियों को सौंपने का आरोप
राज्य की चरमराती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने बांका के ऐतिहासिक मंदार पर्वत पर एक युवती के साथ हुई कथित छेड़खानी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार की निष्क्रियता पर तंज कसते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना पर सरकार सिर्फ ‘टुकुर-टुकुर’ देख रही है। उन्होंने सीधा अंदेशा जताया कि जिस तरह से अपराधियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है, उससे साफ प्रतीत होता है कि प्रशासन के कुछ लोग अपराधियों के साथ मिले हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए भाई वीरेंद्र ने स्पष्ट किया कि ‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती।’ उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई अपराध के आधार पर होनी चाहिए, न कि आरोपी की जाति देखकर। अंत में उन्होंने वर्तमान राजनीतिक हालात का हवाला देते हुए सभी समाजवादी विचारधारा वाले दलों और नेताओं से एकजुट होकर एक मंच पर आने की अपील की।



