
पटना। बिहार में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ लगातार बढ़ रहे जघन्य अपराधों को लेकर मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में राजद सांसद मीसा भारती ने सीधे मुख्यमंत्री पर कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया है। मीसा भारती मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने राजधानी पटना के सचिवालय थाने पहुंचीं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने उनका आवेदन लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है।सांसद मीसा भारती ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री ने जमुई जिले की एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है। मीसा का तर्क है कि इस कृत्य से नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक हो गई है, जो सीधे तौर पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के नियमों का खुला उल्लंघन है। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस लापरवाही को उन्होंने अपराध करार दिया और केस दर्ज कराने थाने पहुंची थीं।
CM पर FIR कराने थाने पहुंचीं मीसा भारती
सचिवालय थाने में आवेदन स्वीकार न किए जाने पर मीसा भारती का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित मीसा ने कहा कि पुलिस का रवैया बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा, “मैं एक निर्वाचित सांसद हूं। जब पुलिस एक सांसद की शिकायत सुनने और एफआईआर दर्ज करने को तैयार नहीं है, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि थाने में आने वाले आम और गरीब आदमी का क्या हाल होता होगा।” उन्होंने पुलिस पर राजनीतिक दबाव की आशंका जताते हुए पूछा कि आखिर किसके दबाव में पुलिस आवेदन नहीं ले रही है।इस दौरान मीसा भारती ने बिहार की चरमराती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने राज्य में एक सप्ताह के भीतर हुई जघन्य घटनाओं का सिलसिलेवार जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अपराध की शुरुआत जमुई से होती है। इसके बाद समस्तीपुर में दो शर्मनाक घटनाएं घट जाती हैं। इसके अलावा बांका, दरभंगा और मधेपुरा में भी इसी तरह की वीभत्स वारदातें सामने आई हैं, जो प्रशासन की घोर विफलता को दर्शाती हैं।
बिहार में बच्चियों से दरिंदगी पर गरमाई सियासत
राजद नेत्री ने बाढ़ के बेलछी में हुई घटना का विशेष रूप से जिक्र करते हुए उसे सबसे ज्यादा निर्मम बताया। उन्होंने कहा कि बेलछी में 10 से 11 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की गई और दुष्कर्म के बाद बेरहमी से उसकी गर्दन काटकर फेंक दी गई। सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए मीसा ने कहा, “हम यहां सचिवालय थाने में जाति-जाति का लूडो खेलने नहीं आए हैं।” राजद अब इस संवेदनशील मुद्दे पर बेहद आक्रामक नजर आ रहा है।



