
पटना। आगामी 2026 के विधानसभा चुनावों (Goal 2026) की सुगबुगाहट के बीच बिहार की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमुई की घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार पुलिस के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को बड़ा एलान करते हुए मांग की है कि जमुई मामले की पीड़िता के परिजनों की तस्वीरें और पहचान सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि बिहार पुलिस इस संगीन मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करती है, तो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पुलिस के पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। अपने कड़े तेवर दिखाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश का कानून सबके लिए एक समान है। चाहे वह देश के प्रधानमंत्री हों, सूबे के मुख्यमंत्री हों या फिर कोई आम नागरिक, कानून की नजर में कोई भी वीआईपी नहीं है। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि पीड़िता की पहचान उजागर होने पर केवल आम लोगों पर ही मुकदमे क्यों थोपे जा रहे हैं? सीएम पर पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? उन्होंने याद दिलाया कि जमुई सहित कई अन्य जगहों पर ऐसे ही मामलों में बड़ी संख्या में आम लोगों पर पोक्सो एक्ट लगाया गया है। तेजस्वी ने कहा कि यदि सूबे की पुलिस मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसा नहीं करती है, तो इस कानून का कोई औचित्य ही नहीं रह जाएगा। मुख्यमंत्री खुद कहते हैं कि कानून अपना काम करेगा, लेकिन जब उनके ऊपर पहले से मामले हैं तो पुलिस क्या कर रही है? पुलिस की यह चुप्पी साबित करती है कि वह पूरी तरह से पक्षपात कर रही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव का गुस्सा केवल राज्य सरकार तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उनकी तत्काल गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग दोहराते हुए तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ शुरू किया गया यह आंदोलन अभी महज एक शुरुआत है। जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता, राजद कार्यकर्ता सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई अनवरत जारी रखेंगे। चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए राजद नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पास ऐसे कई ‘नमूने’ मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र के इशारे पर संवैधानिक संस्थाओं का सरेआम दुरुपयोग किया जा रहा है, और समूचा विपक्ष इस तानाशाही को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को जनता के सामने आकर सफाई देनी चाहिए, तेजस्वी ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा, “चिराग पासवान की बात ही छोड़िए, वे तो बस उसी व्यवस्था और एनडीए सरकार की मलाई खाने में व्यस्त हैं।”



