
बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा की स्थिति को लेकर एक बार फिर सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। जमुई में हुई घटना की आग अभी पूरी तरह से ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम में एक लड़की के साथ सरेआम छेड़खानी का शर्मनाक मामला सामने आया है। इस दुस्साहसिक घटना ने सूबे के सुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मुद्दे पर केवल मुख्य विपक्षी दल ही हमलावर नहीं हैं, बल्कि सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल भी सरकार की कार्यशैली और पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी पर सवाल उठा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सुप्रीमो चिराग पासवान ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए आरोपितों के एनकाउंटर की मांग कर दी है।केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने समस्तीपुर की इस घटना को अत्यंत शर्मनाक, अमानवीय और समाज के लिए कलंक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों का दुस्साहस और मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि वे सरेआम बच्चियों के साथ दरिंदगी करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। उन्होंने इसे पूरे राज्य के लिए गहरी चिंता का विषय करार दिया। चिराग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब दिनदहाड़े ऐसी घिनौनी हरकतें होने लगें, तो यह सीधे तौर पर प्रशासन की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था की लचर स्थिति पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन लोजपा (आर) प्रमुख का मानना है कि कार्रवाई सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
इन दरिंदों को भी गोली मारो
चिराग पासवान ने राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले में कड़ा कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस घटना में संलिप्त हर एक अपराधी की पहचान कर उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अपने बयान को और धार देते हुए चिराग ने कहा कि जिस तरह जमुई की घटना में शामिल आरोपित का पुलिस ने एनकाउंटर किया था, ठीक उसी तर्ज पर समस्तीपुर के इन दरिंदों का भी एनकाउंटर होना चाहिए। उनका तर्क है कि जब तक ऐसा सख्त और मारक कदम नहीं उठाया जाएगा, तब तक अपराधियों के भीतर कानून का खौफ पैदा नहीं होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं हो पाएगा।दूसरी ओर, समस्तीपुर से लोजपा (रामविलास) की सांसद शाम्भवी चौधरी ने भी इस घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें देर रात इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद से वह लगातार समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और स्थानीय प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के संपर्क में बनी हुई हैं। उनकी तत्परता और पुलिस की कार्रवाई के फलस्वरूप वायरल वीडियो के आधार पर चार मनचलों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। सांसद ने दो टूक लहजे में कहा कि हमारी बहन-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बेटी से सरेआम दरिंदगी पर भड़के चिराग पासवान
इसके साथ ही, सांसद शाम्भवी चौधरी ने आम जनता से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील भी की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि कोई भी व्यक्ति इस घटना से संबंधित वीडियो को बिना ब्लर किए या बच्ची के चेहरे के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित न करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़िता की पहचान और उसकी गरिमा की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। पुलिस महकमा भी इस बात को सुनिश्चित कर रहा है कि बच्ची की निजता पूरी तरह से सुरक्षित रहे। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।



