
पटना। बिहार में आधारभूत संरचना और विकास कार्यों को तेज गति देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘बिहार गति’ के अंतर्गत राज्य में चल रही 100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा की। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क, पेयजल, सिंचाई, उद्योग, ऊर्जा और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की अद्यतन स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया कि सभी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर हर बाधा को त्वरित रूप से दूर किया जाए।
फोर-लेन सड़कों का होगा विस्तार
बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग की परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सुल्तानगंज-तारापुर-संग्रामपुर-बेलहर कटोरिया-चन्दन दर्दमारा सड़क परियोजना पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस सड़क के शून्य से 40 किलोमीटर तक के हिस्से और बेलहर से दर्दमारा तक को फोर-लेन बनाने के लिए अविलंब विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए सीएम ने औरंगाबाद, सासाराम एवं डेहरी शहरों में सोन नदी के सतही जल से पेयजल आपूर्ति योजना की निरंतर निगरानी करने का निर्देश दिया। साथ ही, मधुबनी के जयनगर में कमला नदी पर बैराज निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई का लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गया में आएगा 20 हजार करोड़ का निवेश
औद्योगिक विकास के मोर्चे पर बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री ने अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के तहत गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) का शुभारंभ अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में करने का निर्देश दिया। इससे राज्य में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है, जो रोजगार सृजन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। दक्षिण बिहार में पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नहरों और नदियों के तटबंधों पर सौर ऊर्जा पैनल (सोलराइजेशन) लगाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। वहीं, समाज कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिया कि सक्षम आंगनबाड़ी, पोषण 2.0 और मिशन शक्ति जैसी योजनाओं से जुड़ी आंगनबाड़ी व अन्य कर्मियों का लंबित मानदेय दुर्गा पूजा से पहले हर हाल में चुका दिया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, सचिव पंकज कुमार पाल, डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, कुंदन कुमार और विनोद सिंह गुंजियाल सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।



