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पटना में 12 वर्षीय बच्चे की पिटाई पर गरमाई सियासत, तेजस्वी ने सरकार और पुलिस पर साधा निशाना

पटना। राजधानी पटना में गंगा किनारे आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यक्रम “आशीर्वाद का दीया” के दौरान एक 12 वर्षीय बच्चे के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को लेकर राज्य की सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि न्याय दिलाने के बजाय पुलिस ने आरोपियों को संरक्षण देने का काम किया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अनुसार, बाढ़ की भीषण विभीषिका के बीच जीवित बचा 12 वर्षीय बालक प्रिंस कुमार गंगा किनारे चल रहे सत्ताधारी दल के कार्यक्रम का महज एक वीडियो बना रहा था। आरोप है कि इसी दौरान कार्यक्रम में मौजूद सत्ताधारी दल के कुछ लोगों ने उस मासूम के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट शुरू कर दी। बेरहमी से पीटने के बाद उसे सड़क की रेलिंग से नीचे नदी के समीप फेंक दिया गया। इस अमानवीय घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

मासूम के साथ अमानवीय बर्ताव

तेजस्वी यादव ने पुलिस प्रशासन पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि घटना की सूचना मिलने के बाद जब स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, तो उसने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई करने के बजाय उल्टा पीड़ित नाबालिग बच्चे को ही पकड़ लिया। मासूम को थाने ले जाकर बंद कर दिया गया, जबकि मारपीट करने वाले रसूखदार लोगों को कथित तौर पर थाने से ही सुरक्षित छोड़ दिया गया। यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। मामला यहीं शांत नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि थाने से छूटने के बाद जब डरा-सहमा बच्चा अपने घर पहुंचा, तो अगले दिन पुलिस फिर उसके दरवाजे पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने उस नाबालिग और उसके परिवार को डराया-धमकाया। आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाकर बच्चे से यह झूठा बयान दिलवाया कि उसके साथ मारपीट करने वाले लोग उसके ही दोस्त थे और वे सभी साथ में काम करते हैं। तेजस्वी के मुताबिक, बच्चे को यह भी धमकी दी गई थी कि यदि उसने अपना बयान नहीं बदला, तो उसे दोबारा पूरी रात के लिए थाने के लॉकअप में बंद कर दिया जाएगा।

पुलिस पर उल्टे पीड़ित को प्रताड़ित करने का आरोप

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद, तेजस्वी यादव ने खुद पीड़ित बालक प्रिंस कुमार से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान तेजस्वी ने केंद्र और राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि एक मासूम द्वारा केवल वीडियो बनाए जाने पर इस तरह का क्रूर व्यवहार लोकतंत्र में बेहद निंदनीय है। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया है कि इस मामले में जो भी दोषी पुलिसकर्मी या सत्ताधारी दल के लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।फिलहाल, तेजस्वी यादव के इन गंभीर आरोपों के बाद बिहार में सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ गया है। हालांकि, इस पूरे मामले और नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर स्थानीय पुलिस प्रशासन या सत्ताधारी दल की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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