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सुनिए बिहार के उद्यमियों की कहानी, कैसे सरकारी सहयोग से आइडिया बना कारोबार और रोजगार का जरिया?


“मैं रोड एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। रोड एक्सप्रेस टेक्नोलॉजी एक तकनीक-आधारित कंपनी है, जिसकी शुरुआत 2018 में हुई थी। वर्तमान में हम पूरे भारत में काम कर रहे हैं और देशभर में अपनी शाखाएं खोल चुके हैं। हम ट्रकिंग सेक्टर में उबर जैसा मॉडल तैयार कर रहे हैं। हमने प्ले स्टोर पर अपना एप्लीकेशन भी लॉन्च किया है, जिसका अधिकांश ड्राइवर उपयोग कर रहे हैं।” रोड एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत करने वाले नीरज सिंह बताते है।

“हमारे पास लगभग 10,000 प्रशिक्षित ड्राइवर और 20,000 से अधिक सफल ट्रिप हैं। पिछले साल हमने ₹40 करोड़ का टर्नओवर जनरेट किया है। चालू वित्त वर्ष में हम ₹80 से ₹100 करोड़ का टर्नओवर (राजस्व) जनरेट करने का लक्ष्य रख रहे हैं। मैं बिहार सरकार और उद्योग विभाग को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने हमें 2018 में सीड फंडिंग दी। इसी सहयोग से हम इस मुकाम तक पहुंचे हैं और लगातार आगे बढ़ रहे हैं। बिहार सरकार और उद्योग विभाग की ओर से हमें लगातार सहयोग मिल रहा है। इसके लिए मैं उनका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।” आगे वह बताते है।

बिहार में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। युवा उद्यमियों को बेहतर अवसर, मार्गदर्शन और सहयोग देने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े लोगों के साथ संवाद किया जा रहा है। इसी कड़ी में आयोजित Startup Bihar Stakeholder Dialogue में उद्यमियों ने अपने अनुभव और उपलब्धियां साझा की।

बिहार की स्टार्टअप पॉलिसी युवाओं को अपने आइडिया को कारोबार में बदलने और नए रोजगार के अवसर पैदा करने का मंच दे रही है। इस दौरान कई कंपनियों और उसके काम और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। बिहार में बेहतर स्टार्टअप माहौल और सहयोग से युवा अपने नए विचारों को अवसरों में बदल रहे हैं। आज बिहार के युवा सिर्फ नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि नए रोजगार और नए अवसर पैदा करने वाले उद्यमी भी बन रहे हैं।

गौरतलब है कि बिहार में उद्योग और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग की ओर से कई प्रमुख योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, बिहार स्टार्टअप नीति और बिहार लघु उद्यमी योजना शामिल हैं।

वहीं बिहार सरकार की औद्योगिक नीति और स्टार्टअप नीति के तहत स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए विशेष वित्तीय सहायता और सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें ब्याज-मुक्त सीड फंड और सरकारी टेंडर में प्राथमिकता जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

सुनिए उद्यमी से उनकी कहानी

“हमारी कंपनी ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करती है। हमने 2022 में एग्रीकल्चर ड्रोन से इसकी शुरुआत की थी। बिहार सरकार के स्टार्टअप फंड के माध्यम से हमें फंडिंग भी प्राप्त हुई। पहले वर्ष हमारा रेवेन्यू ₹1 करोड़ था। इस साल हमारा रेवेन्यू बढ़कर ₹52 करोड़ तक पहुंच गया है। हम ड्रोन एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं।”
मनीष दीक्षित, वेद प्रभा एयरोस्पेस

“हमारे स्टार्टअप का नाम आरसीएक्स लाइट है। आरसीएक्स लाइट किसी भी बिल्डिंग को डिस्प्ले में कन्वर्ट करता है। हमें शुरुआती फंडिंग बिहार सरकार से मिली थी। इस फंडिंग के बाद हमने स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ते हुए बिहार स्टार्टअप के तहत फंडिंग प्राप्त की और अब हम पूरे भारत में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हमारी सेवाओं के माध्यम से रोजगार के कई अवसर पैदा हो रहे हैं और विभिन्न विभागों को सेवाएं मिल रही हैं। इससे बिहार का नाम पूरे देश में आगे बढ़ रहा है। अब हम अपनी सेवाओं को वैश्विक स्तर तक ले जाना चाहते हैं।”
रवि चंद्र शर्मा, आरसीएक्स लाइट प्राइवेट लिमिटेड

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