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मोतिहारी जहरीली शराब कांड: 55 मौतों का जिम्मेदार मास्टरमाइंड बनारस से गिरफ्तार, 25 हजार का था इनाम

मोतिहारी में 10 चिताएं जलाने वाला सौदागर गिरफ्तार! बिहार पुलिस का बनारस में बड़ा एक्शन

पटना। बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में हुए बहुचर्चित जहरीली शराब कांड में पुलिस महकमे को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दर्जनों घरों के चिराग बुझाने वाले और शराबबंदी वाले राज्य में मौत का सामान (स्पिरिट) बांटने वाले मुख्य सप्लायर व मास्टरमाइंड सूरज सिंह को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बनारस (जौनपुर) क्षेत्र से धर दबोचा है। इस शातिर अपराधी की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस उसे गिरफ्तार कर मोतिहारी ले आई है, जहां उससे सघन पूछताछ की जा रही है। विदित हो कि अप्रैल 2026 और इससे पूर्व 2023 में मोतिहारी के तुरकौलिया सहित अन्य थाना क्षेत्रों में जहरीली शराब पीने से हाहाकार मच गया था। इस दर्दनाक घटना में करीब 55 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। कई गांवों में एक साथ 10-10 चिताएं जली थीं, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी थीं। इसके अलावा भारी संख्या में लोगों की आंखों की रोशनी भी हमेशा के लिए चली गई थी। इस घटना ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए 14 मद्य निषेध कर्मियों को निलंबित कर दिया था।

55 लोगों ने गंवाई थी जान, कई हुए थे अंधे

सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी सूरज सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नहौरा (डेरवा) का निवासी है। मोतिहारी में जहरीली शराब की आपूर्ति के मामले में उसकी भूमिका सामने आने के बाद से ही वह भूमिगत हो गया था। जिले के करीब 12 अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और उत्पाद अधिनियम के तहत संगीन मामले दर्ज थे। पुलिस की जांच में यह साफ हो चुका है कि मौत के इस स्पिरिट सिंडिकेट के तार सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश से जुड़े थे। सूरज ही वह मुख्य कड़ी था, जो यूपी से जहरीला मिथाइल अल्कोहल (स्पिरिट) लाकर बिहार के स्थानीय शराब माफियाओं तक पहुंचाता था। गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस की विशेष टीम ने जलालपुर क्षेत्र में छापेमारी की, तो यह शातिर अपराधी आखिरकार कानून के हत्थे चढ़ गया।माना जा रहा है कि इस 25 हजारी मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद अंतरराज्यीय शराब तस्करों के पूरे नेटवर्क का जल्द ही पर्दाफाश होगा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस काले कारोबार के पीछे और कौन-कौन से सफेदपोश चेहरे शामिल हैं।

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