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भागलपुर में बाढ़ का कहर: जलजमाव में डूबने से एक ही परिवार के चार समेत 5 की दर्दनाक मौत

खेत जाते समय हुआ हादसा, एक को बचाने के फेर में गहरे पानी में समाए सभी पांच लोग

पटना। गंगा नदी के विकराल होते जलस्तर और बाढ़ के कहर के बीच भागलपुर जिले में बुधवार को एक अत्यंत हृदयविदारक हादसा सामने आया। बाईपास थाना क्षेत्र के कोयली खुटहा गांव में जलमग्न सड़क से गुजरने के दौरान गहरे पानी में डूबने से एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है, वहीं परिजनों की चीख-पुकार से मायागंज अस्पताल परिसर गूंज उठा। जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ लोग दोपहर के समय अपने खेत और मवेशियों को देखने के लिए जा रहे थे। इसी क्रम में सड़क पर जमा बाढ़ के पानी की गहराई का सटीक अंदाजा न मिलने के कारण एक सदस्य का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समाने लगा। उसे डूबता देख बाकी सदस्य भी उसे बचाने के लिए एक के बाद एक पानी में उतर गए। बहाव तेज होने और गहराई अत्यधिक होने के कारण पांचों लोग पानी में डूब गए। स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को पानी से बाहर निकाला और तत्काल मायागंज अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने पांचों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में एक अन्य व्यक्ति की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिसका इलाज जारी है। मृतकों की पहचान मंचों देवी, सोनाक्षी कुमारी, प्रिंस कुमार, अभिषेक कुमार और अंशु प्रिया के रूप में हुई है, जिनमें से चार एक ही परिवार के सदस्य हैं और एक पड़ोसी है।

बचाने के प्रयास में एक-एक कर डूबते चले गए लोग

हादसे की सूचना मिलते ही बाईपास थाना पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे तथा शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एनएच-80 और संपर्क मार्गों पर 10 फीट से अधिक पानी बह रहा है, लेकिन जोखिम भरे स्थलों पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों के लिए आपदा राहत कोष से तत्काल अनुग्रह राशि (मुआवजा) और जलजमाव वाले इलाकों में बैरिकेडिंग कराने की मांग की है।

राज्य के 14 जिलों में तबाही, 43.64 लाख लोग प्रभावित

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बिहार के 14 जिलों के 85 प्रखंडों की 527 ग्राम पंचायतों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। राज्य की करीब 43.64 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में है। पटना, भागलपुर, भोजपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय, मुंगेर और कटिहार समेत कई जिलों में गंगा, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक और पुनपुन नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। एनएच-80 पर आवागमन ठप होने से हजारों लोग सड़कों और तटबंधों पर शरण लेने को मजबूर हैं। हालांकि कई नदियों के जलस्तर में अब धीमी गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।

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