
बक्सर। बिहार के बक्सर जिले के प्रधान डाकघर स्थित डाक डिवीजन और सब-डिवीजन कार्यालय में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने अचानक छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर नगर थाने में गुप्त तरीके से पूछताछ की जा रही है।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसी की टीम ने कार्यालय के भीतर पहुंचकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला। इस दौरान वित्तीय गड़बड़ियों और रिश्वतखोरी के मामलों से जुड़े सुराग तलाशे जाने की बात सामने आ रही है। छापेमारी के तुरंत बाद डाक अधीक्षक सरिता कुमारी के कार्यालय से अचानक बाहर निकलने और उनका मोबाइल फोन बंद होने की बात भी चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई को लेकर किसी भी विभागीय अधिकारी या जांच एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
बक्सर प्रधान डाकघर में CBI का छापा
कुछ महीने पहले ही बक्सर डाकघर को नए डाक प्रमंडल (डिवीजन) का दर्जा दिया गया था। इस नए दर्जे के मिलने के बाद से यहां प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ वित्तीय लेन-देन और योजनाओं का दायरा काफी बढ़ गया था। स्थानीय स्तर पर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह छापेमारी इसी विस्तारित वित्तीय अवधि के दौरान हुई किसी कथित अनियमितता या पुराने प्रकरण के सिलसिले में हो सकती है।अचानक हुई इस केंद्रीय कार्रवाई ने स्थानीय प्रशासनिक तंत्र और डाक विभाग के महकमे में खलबली मचा दी है। जानकारों का मानना है कि हिरासत में लिए गए कर्मचारियों से होने वाली पूछताछ और बरामद दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद ही इस पूरे मामले की परतें खुल सकेंगी। फिलहाल, सीबीआई की टीम अपने स्तर पर साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है और आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इस बड़े एक्शन के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।



