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मरीन ड्राइव पर बाढ़ पीड़ितों से मिले मुकेश सहनी, सरकार से की राहत कार्य तेज करने की मांग

छिन गई छत, दाने-दाने को मोहताज... पटना में बाढ़ पीड़ितों का दर्द सुन मुकेश सहनी ने सरकार से की यह बड़ी मांग।

पटना। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं, उनके दर्द को साझा किया और राहत शिविरों में मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। सहनी ने राज्य सरकार से अपील की है कि प्रभावित परिवारों तक तत्काल और पर्याप्त सहायता पहुंचाई जाए, क्योंकि मौजूदा राहत व्यवस्था जमीनी स्तर पर नाकाफी साबित हो रही है। सहनी ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और बड़ी संख्या में लोग अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। उन्होंने माना कि सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मरीन ड्राइव पर शरण लिए लोगों की दयनीय स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि मौजूदा मदद पर्याप्त नहीं है। उन्होंने जिला और राज्य प्रशासन से राहत कार्यों में तत्काल प्रभाव से तेजी लाने की मांग की है।

नावों से पहुंचे मदद, बुनियादी सुविधाएं हों सुनिश्चित

पूर्व मंत्री ने बताया कि बाढ़ के कारण सैकड़ों परिवारों के सामने भोजन, शुद्ध पेयजल, जरूरी दवाओं और सिर छिपाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ऐसे मुश्किल वक्त में प्रशासन को प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने में किसी भी तरह की लेटलतीफी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को सुझाव दिया कि जिन जलमग्न क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है और आवागमन पूरी तरह बाधित है, वहां बिना समय गंवाए नावों के माध्यम से राहत सामग्री और मेडिकल टीम उपलब्ध कराई जाए ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। वीआईपी प्रमुख ने स्पष्ट किया कि बाढ़ पीड़ितों को केवल फौरी राहत देना ही काफी नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बाढ़ के कारण हुए भारी नुकसान का उचित और पारदर्शी आकलन कर पीड़ितों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए। किसानों की बर्बाद हुई फसल, क्षतिग्रस्त घरों, मवेशियों और अन्य संपत्तियों के नुकसान का अविलंब सर्वेक्षण कराकर उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, जिससे प्रभावित परिवार फिर से अपना जीवन सुचारू रूप से शुरू कर सकें।

महिलाओं और बच्चों पर हो विशेष ध्यान

आपदा की इस घड़ी में एकजुटता का आह्वान करते हुए सहनी ने कहा कि सरकार, प्रशासन और सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करने की सख्त जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहत शिविरों या खुले आसमान के नीचे रह रहे लोगों की बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इनमें विशेषकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।बाढ़ प्रभावितों की पीड़ा को दूर करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सहनी ने प्रशासन से अपील की है कि राहत कार्यों की नियमित और दैनिक स्तर पर समीक्षा की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर जरूरतमंद और अंतिम पंक्ति में खड़े परिवार तक सरकारी सहायता बिना किसी बिचौलिए के पहुंच रही है।

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