
पटना। राज्य में उफनती नदियों के कारण उपजे बाढ़ के संकट के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री ने वैशाली और सारण जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार संकट की इस घड़ी में हर एक बाढ़ पीड़ित के साथ पूरी मुस्तैदी के साथ खड़ी है।अपने दौरे के क्रम में मुख्यमंत्री सबसे पहले हाजीपुर पहुंचे। यहां उन्होंने जढुआ स्थित राहत शिविर का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने शिविर में शरण लिए बाढ़ पीड़ितों से सीधा संवाद कर उनका दर्द साझा किया और वहां दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिविर में संचालित ‘सामुदायिक रसोई’ का भी निरीक्षण किया और भोजन की गुणवत्ता परखी। शिविर परिसर में ही चल रहे अस्थाई आंगनबाड़ी केंद्र का भी मुख्यमंत्री ने मुआयना किया। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से स्नेहपूर्वक मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य व पोषण की स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।
पीड़ित परिवारों को सौंपा अनुग्रह अनुदान का चेक
बाढ़ की इस विभीषिका में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मुख्यमंत्री ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बाढ़ के पानी में डूबने से मृत आधा दर्जन (छह) लोगों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान के रूप में चार-चार लाख रुपये का चेक सौंपा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री के पैकेट भी वितरित किए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि राहत सामग्री के वितरण में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए; हर एक जरूरतमंद तक मदद पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
जलस्तर घटने से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
राहत शिविर के निरीक्षण के पश्चात मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय आम जनजीवन प्रभावित होता है और थोड़ी परेशानी लाजिमी है। लेकिन, राज्य सरकार स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है। उन्होंने राहत भरी खबर देते हुए बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और पानी लगभग 17 से 18 सेंटीमीटर नीचे गया है।मुख्यमंत्री ने भरोसा जताते हुए कहा कि जलस्तर घटने से स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है। आपदा प्रबंधन विभाग से लेकर जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारी दिन-रात मुस्तैदी से राहत कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से पानी कम हो रहा है, उसे देखते हुए यह उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों में हालात में व्यापक सुधार होगा और आम लोगों को इस बड़ी मुसीबत से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ का पानी निकलने के बाद क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव और स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त रखने के भी कड़े निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी तरह की बीमारी को फैलने से रोका जा सके।



