
बिजली विभाग की मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था में सॉफ्टवेयर बदलाव के बाद अब इसका असर स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के खातों पर दिखाई देने लगा है। जून से अगस्त तक करीब तीन महीने तक मीटर रीडिंग और बिलिंग की प्रक्रिया प्रभावित रहने के बाद नया आरएमएस सॉफ्टवेयर लागू किया गया। इसके बाद लंबित रीडिंग और बिजली खपत का विवरण सिस्टम में अपडेट होने से कई उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर का बैलेंस अचानक कम होकर शून्य या माइनस में दिखाई देने लगा।
बैलेंस में अचानक आए बदलाव से उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। सोमवार को कई उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर विद्युत विभाग के भभुआ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि कुछ दिन पहले तक उनके स्मार्ट मीटर में पर्याप्त राशि उपलब्ध थी, लेकिन रीडिंग अपडेट होने के बाद वही बैलेंस कम होकर माइनस में पहुंच गया।
कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके खाते में करीब 500 रुपये या उससे अधिक का बैलेंस था। अचानक राशि कम होने पर उन्हें लगा कि विभाग की ओर से उनके खाते से अतिरिक्त रकम काट ली गई है। इसके बाद उन्होंने कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से कटौती और बैलेंस में बदलाव की वजह जाननी चाही।
अधिकारियों ने बताई बैलेंस माइनस होने की वजह
उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए सहायक विद्युत अभियंता राकेश प्रभाकर और कनीय विद्युत अभियंता रमाकांत सिंह ने पूरे मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर में दिखाई दे रहा माइनस बैलेंस किसी अतिरिक्त या गलत कटौती का परिणाम नहीं है, बल्कि लंबित बिजली खपत और बिलिंग के समायोजन से संबंधित है।
अधिकारियों के अनुसार मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था में सॉफ्टवेयर परिवर्तन के चलते जून से अगस्त के बीच नियमित प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इस दौरान बिजली की खपत से जुड़े आंकड़ों और बिलिंग प्रक्रिया को भी अपेक्षित तरीके से अपडेट नहीं किया जा सका।
तीन महीने की लंबित प्रक्रिया अब हो रही अपडेट
विभाग के मुताबिक स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ताओं की बिजली खपत के आधार पर एनर्जी चार्ज की प्रक्रिया चलती रही थी, लेकिन बिलिंग से जुड़ा पूरा हिसाब सॉफ्टवेयर में लंबित था। अब नया आरएमएस सॉफ्टवेयर शुरू होने के बाद पुराने आंकड़ों को सिस्टम में दर्ज कर उनका समायोजन किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि 30 अगस्त से लंबित बिजली खपत के हिसाब को सिस्टम में अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। जिन उपभोक्ताओं ने जून से अगस्त के बीच बिजली का इस्तेमाल किया था, उनके खाते में उस खपत के अनुरूप राशि का समायोजन अब दिखाई देने लगा है।
पुराने बैलेंस से राशि कटने पर दिखा माइनस
लंबित बिजली खपत का हिसाब अपडेट होने के बाद कई उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर में पहले से मौजूद पॉजिटिव बैलेंस घट गया। कुछ मामलों में राशि पूरी तरह समाप्त होने के बाद बैलेंस माइनस में भी चला गया।
विभाग का कहना है कि यह बदलाव पिछले महीनों में इस्तेमाल की गई बिजली के शुल्क के समायोजन के कारण हुआ है। सॉफ्टवेयर में परिवर्तन के कारण जो बिलिंग प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पाई थी, उसे अब आरएमएस के माध्यम से अपडेट किया जा रहा है।
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया कि स्मार्ट मीटर में दिखाई दे रहा बैलेंस पिछले समय की वास्तविक बिजली खपत और लंबित बिलिंग के हिसाब से संबंधित है। रीडिंग और बिलिंग की प्रक्रिया सामान्य होने के बाद उपभोक्ताओं के खातों में बिजली खपत के अनुसार राशि का समायोजन जारी रहेगा।



