
महाराष्ट्र के नवी मुंबई (खारघर) में हुए करोड़ों रुपये के डायमंड व गोल्ड लूटकांड के मुख्य आरोपी और ‘सटरकटवा गिरोह’ के सरगना श्रीराम साह को बिहार एसटीएफ ने मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार की रात हुई इस गुप्त और बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के पास से लूटे गए हीरे, सोने और प्लेटिनम के कीमती आभूषणों के साथ-साथ भारतीय और नेपाली करेंसी बरामद की है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।जानकारी के अनुसार, छतौनी थाना क्षेत्र के बरियारपुर निवासी श्रीराम साह नवी मुंबई के खारघर थाने में दर्ज कांड संख्या 0371/26 में मुख्य वांछित था। 11 अगस्त को लूट का मामला दर्ज होने के बाद वह महाराष्ट्र पुलिस की आंखों में धूल झोंककर मोतिहारी पहुंच गया था और छतौनी इलाके में छिपकर रह रहा था। बिहार एसटीएफ को उसके ठिकाने की भनक लग गई, जिसके बाद टीम ने इलाके की घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ द्वारा ली गई तलाशी में आरोपी के पास से कुल 99.31 ग्राम वजन के कीमती आभूषण बरामद किए गए। हीरे-सोने के आभूषण: 38.47 ग्राम वजन की हीरा और सोने की 17 अंगूठियां, 3.36 ग्राम की सोने की एक अंगूठी, 4.67 व 2.53 ग्राम के दो सोने के लॉकेट और 0.45 ग्राम का सोने का स्टड। प्लेटिनम के आभूषण: 18.36 ग्राम की प्लेटिनम चेन, 4.66 ग्राम का प्लेटिनम ब्रेसलेट, 6.23 ग्राम की प्लेटिनम रिंग के अलावा ज्वेल टोन की दो चेन व लॉकेट। नकदी: इसके साथ ही 90 हजार रुपये की भारतीय मुद्रा और 1170 नेपाली रुपये भी जब्त किए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, श्रीराम साह एक शातिर अंतरराज्यीय अपराधी है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में गृह-भेदन (सेंधमारी) के तीन मामले पहले से दर्ज हैं। यह बरामदगी उसके बड़े आपराधिक नेटवर्क की ओर इशारा करती है।एसटीएफ आरोपी को अपने साथ ले गई है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि खारघर की वारदात के बाद वह लूट का माल लेकर मोतिहारी किस रास्ते से पहुंचा था। पुलिस इस बात की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि मोतिहारी में इन कीमती जेवरात को खपाने में उसकी मदद कौन करने वाला था और इस गिरोह में उसके अन्य साथी कौन-कौन हैं। छतौनी से बरामद जेवरात की शिनाख्त के बाद कई और बड़े मामलों से पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है।



