
पटना। खाकी वर्दी को दागदार करने वाले भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के खिलाफ गोपालगंज पुलिस ने एक ऐतिहासिक और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय तिवारी ने जादोपुर थाने के तत्कालीन एसएचओ (थानेदार) अनिल राम को घूसखोरी और अवैध रूप से लोगों को हिरासत में रखने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, जादोपुर थानेदार अनिल राम पर गंभीर आरोप थे कि वह बिना किसी आधिकारिक रिकॉर्ड या एफआईआर के लोगों को घंटों तक थाने में अवैध रूप से बंद रखता था। एक मामले में तो पीड़ित को करीब 36 घंटे तक हवालात में रखा गया। पीड़ितों के परिजनों को झूठे मुकदमों में फंसाने का डर दिखाकर रिहाई के नाम पर मोटी रकम ऐंठी जाती थी।16 अगस्त को एसपी विनय तिवारी को इस वसूली रैकेट की भनक लगी। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी (मुख्यालय) को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच टीम के हाथ तत्कालीन एसएचओ और कथित बिचौलिए के बीच फोन पर हुई बातचीत के पुख्ता ऑडियो सुबूत लग गए, जिससे आरोपों की पुष्टि हो गई।डीएसपी की रिपोर्ट के आधार पर 18 अगस्त को जादोपुर थाने में ही एसएचओ समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एसएचओ अनिल राम, बिचौलिए राजू यादव और गांव के दो चौकीदार राकेश कुमार व महंथ कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार एसएचओ और दोनों चौकीदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद एसपी विनय तिवारी ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जिले में भ्रष्टाचार, अधिकार के दुरुपयोग या गवाहों को डराने-धमकाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी या दलाल को बख्शा नहीं जाएगा।



