
मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने गुरुवार सुबह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को फिलहाल शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन बिहार के मौजूदा राजनीतिक माहौल में इसे अहम माना जा रहा है।
मुलाकात के बाद सामने आई तस्वीरों में नीतीश कुमार खुद अनंत सिंह को अपने आवास के बाहर तक छोड़ते नजर आए। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध रहे हैं। अनंत सिंह को नीतीश कुमार का पुराना करीबी सहयोगी भी माना जाता रहा है। उनके संबंध उस दौर से हैं, जब नीतीश कुमार बाढ़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे।
2005 में पहली बार जदयू के टिकट पर बने विधायक
अनंत सिंह ने वर्ष 2005 में जदयू के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। मोकामा और आसपास के इलाके की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ रही है।
गुरुवार की मुलाकात में पार्टी से जुड़े विषयों के अलावा बिहार के मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई। हालांकि, बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बांकीपुर चुनाव के बाद चर्चा में आया था बयान
कुछ समय पहले बांकीपुर विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद अनंत सिंह का बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना था। उन्होंने कहा था कि बिहार की जनता के बीच यह संदेश गया है कि नीतीश कुमार को जबरन मुख्यमंत्री पद से हटाया गया।
इससे पहले अनंत सिंह राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। उनके इन बयानों को लेकर सरकार को राजनीतिक तौर पर असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था।
ऐसे में नीतीश कुमार और अनंत सिंह की ताजा मुलाकात ने बिहार की सियासत में चर्चाओं को फिर तेज कर दिया है। हालांकि, अभी तक दोनों पक्षों की ओर से मुलाकात को औपचारिक और शिष्टाचार भेंट ही बताया गया है। आने वाले दिनों में इस मुलाकात के राजनीतिक मायने क्या निकलते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।



