
मोतिहारी। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज की जीत का असर अब पूरे बिहार के राजनीतिक परिदृश्य पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत पर विजय उत्सव सह कार्यकर्ता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें चिरैया विधानसभा क्षेत्र में बड़े राजनीतिक बदलाव की रूपरेखा तैयार की गई।समारोह में जन सुराज नेता एवं चिरैया विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी ई. संजय कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आगामी चुनावों के लिए विशेष रणनीति बनाई। मंच से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि चिरैया विधानसभा में अब भाजपा का लगातार तीन बार का गढ़ और वर्चस्व समाप्त होगा। ई. संजय कुमार ने कहा कि बांकीपुर की जीत केवल एक उम्मीदवार या राजनीतिक दल की जीत नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और जनभागीदारी में विश्वास रखने वाली जनता की जीत है। यह जनादेश बिहार में एक नई राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत का संकेत है।वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार की जनता अब पारंपरिक राजनीति से पूरी तरह ऊब चुकी है। आम अवाम अब विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और पारदर्शी शासन की उम्मीद कर रही है। जन सुराज इन्हीं बुनियादी मुद्दों पर जनता के बीच निरंतर कार्य कर रहा है। इस जीत को कार्यकर्ताओं के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बताते हुए, नेतृत्व ने आह्वान किया कि गांव-गांव जाकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए और जनसंपर्क अभियान को और तेज किया जाए।कार्यक्रम के दौरान चिरैया विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं अतिथियों को ई. संजय कुमार द्वारा शॉल ओढ़ाकर, गमछा एवं पार्टी की पट्टी से सम्मानित किया गया। कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी के समर्थन में नारे लगाते हुए संगठन की मजबूती के लिए संकल्प लिया।इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का संचालन पूर्व मुखिया उपेंद्र पांडेय ने किया। मौके पर पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष शिव शंकर मिश्रा, पूर्व मुखिया मुन्ना सिंह, केएन शर्मा, ललन सहनी, विवेक कुमार शिट्टू, इंद्रजीत सहनी, दिलीप मेहता, बबन सिंह, शाहिद आलम, संतोष राउत और ए. रहमान चम्पारनी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।



