
पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की विशेष टीम ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुंबई के भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में कार्यरत तकनीकी सहायक रोशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। टीम उसे मुंबई से पटना ले आई है, जहां उससे सघन पूछताछ शुरू कर दी गई है।बायोमीट्रिक कर्मियों की मदद से मिली थी ‘आंसर-की’पुलिस सूत्रों के अनुसार, ईओयू की प्रारंभिक पूछताछ में रोशन ने कई अहम राज उगले हैं। उसने स्वीकार किया है कि परीक्षा में सेंधमारी के लिए उसे बायोमीट्रिक कर्मियों का साथ मिला था, जिनकी मदद से उसने ‘आंसर-की’ (उत्तर कुंजी) हासिल की थी। इसके साथ ही, उसने सॉल्वर गिरोह से जुड़े कई अन्य संदिग्धों के नामों का भी खुलासा किया है। जांच एजेंसी फिलहाल इन नामों का सत्यापन कर रही है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।ईओयू की गहन जांच में यह बात सामने आई है कि 17 अप्रैल को आयोजित एईडीओ परीक्षा के दौरान रोशन नालंदा के सोहसराय स्थित एक परीक्षा केंद्र पर मौजूद था। आरोप है कि पूरी साजिश के तहत उसने यहीं से एक अभ्यर्थी श्वेता कुमारी के पति कुणाल के माध्यम से उस तक ‘आंसर-की’ पहुंचाई थी।
परीक्षा शुरू होने से पहले रोशन के पास ‘आंसर-की’ आखिर कैसे पहुंची और इस पूरे सिंडिकेट में किन-किन सफेदपोशों की भूमिका रही, ईओयू इसका जवाब तलाशने में जुटी है। इस राज से पर्दा उठाने के लिए जांच एजेंसी ने रोशन को शुक्रवार तक की रिमांड पर लिया है।हैरानी की बात यह है कि मास्टरमाइंड की भूमिका निभाने वाले रोशन ने पिछले साल ही मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में तकनीकी सहायक के पद पर योगदान दिया था। अब ईओयू उसके बैंक खातों, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन को बारीकी से खंगाल रही है, ताकि इस पूरे गोरखधंधे के ‘मनी ट्रेल’ (पैसे के लेन-देन के तार) का पता लगाया जा सके।विदित हो कि पेपर लीक का मामला सामने आने के तुरंत बाद बीपीएससी ने अप्रैल में हुई इस परीक्षा को रद्द कर दिया था। इस बहुचर्चित मामले में ईओयू की कार्रवाई लगातार जारी है और अब तक तीन दर्जन से अधिक आरोपितों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। ईओयू अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।



