
शिवहर । प्रशासनिक इच्छाशक्ति और बेहतर समन्वय हो तो दशकों पुरानी समस्या का भी समाधान निकल आता है। शिवहर में वर्षों से अधर में लटका बेलवा-देवापुर तटबंध सड़क निर्माण इसका जीवंत उदाहरण बन गया है। गड्ढों और उड़ती धूल से जूझ रहे लोगों का दशक भर का इंतजार अब खत्म होने को है। सड़क बनने से बेलवा से देवापुर तक जो सफर तय करने में पहले 45 मिनट लगते थे, अब वह महज 10 मिनट में पूरा होने लगा है। इस बदलाव से स्थानीय लोगों और यात्रियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।जानकारी के अनुसार, शिवहर की जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को अपनी प्राथमिकता सूची में रखा। उन्होंने सबसे पहले शिवहर सीमा तक सड़क निर्माण कार्य को पूरा कराया। इसके बाद पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले की सीमा से जुड़े हिस्से के निर्माण के लिए वहां के प्रशासन से बेहतर समन्वय स्थापित किया।
दोनों जिलों के बीच तालमेल बैठते ही निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया और अब यह तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।तीन किलोमीटर का जर्जर हिस्सा बना था नासूरगौरतलब है कि वर्ष 2021 में तत्कालीन जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह की पहल पर बेलवा तक सड़क का निर्माण कराया गया था। लेकिन, उसके बाद बेलवा से देवापुर के बीच करीब तीन किलोमीटर का हिस्सा वर्षों तक बदहाल पड़ा रहा। यह टूटा हुआ हिस्सा पूरे मार्ग पर एक बड़े दाग की तरह था। गड्ढों, धूल और ऊबड़-खाबड़ रास्ते के कारण लोगों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती थी। हालात ऐसे थे कि कई यात्री इस रास्ते से बचने के लिए लंबा चक्कर लगाने को विवश थे।व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य को मिलेगी नई रफ्तारअब इस सड़क के निर्माण के पूरा होने से शिवहर से मोतिहारी तक की यात्रा पहले से कहीं अधिक सुगम और तेज हो जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल दो जिलों के बीच की दूरी ही कम नहीं कर रही है, बल्कि क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवागमन को भी एक नई रफ्तार देगी। लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस विकास कार्य से पूरे इलाके की तस्वीर बदलेगी और वर्षों से चली आ रही आवाजाही की परेशानी हमेशा के लिए इतिहास बन जाएगी। शिवहर से संतोष राउत की रिपोर्ट



