
मोतिहारी। सावन के पवित्र महीने में पूर्वी चंपारण जिले के एक प्राचीन मंदिर में हुई चोरी की वारदात ने कुछ घंटों के लिए पूरे इलाके की आस्था को झकझोर कर रख दिया। लखौरा थाना क्षेत्र की नौरंगिया पंचायत के वार्ड संख्या-11 में स्थित करीब 100 वर्ष पुराने सार्वजनिक राम-जानकी मंदिर से बीती रात चोरों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चुरा लीं। इन मूर्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, चोर अपनी इस नापाक योजना में सफल हो पाते, उससे पहले ही मोतिहारी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज आठ घंटे के भीतर पूरी वारदात का पर्दाफाश कर मूर्तियों को सकुशल बरामद कर लिया।मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर के पुजारी धनराज दास (निवासी बरवा गांव) प्रतिदिन की तरह सुबह पूजा-अर्चना करने मंदिर पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने गर्भगृह का द्वार खोला, सामने का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की अष्टधातु की मूर्तियां अपने स्थान से गायब थीं। घटना की खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमा हो गए। सावन के महीने में हुई इस दुस्साहसिक वारदात को लेकर लोगों में भारी आक्रोश था, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।मामला जैसे ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात के संज्ञान में पहुंचा, उन्होंने इसे सामान्य चोरी की घटना मानने के बजाय सीधे श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना। एसपी ने तत्काल लखौरा थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर मूर्तियों की हर हाल में शीघ्र बरामदगी का सख्त निर्देश दिया।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच, श्वान दस्ता (Dog Squad) और मानवीय सूचनाओं को एक साथ जोड़कर अपनी कार्रवाई शुरू की।पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। संदिग्धों की गतिविधियों और भागने के रास्तों को खंगाला गया। पुलिस के लगातार दबाव और सटीक सूचना के आधार पर महज आठ घंटे के अंदर ही चोरी गई तीनों अष्टधातु की मूर्तियां सकुशल बरामद कर ली गईं। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आमोद शाह नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।इस घटना ने 50 लाख की प्राचीन मूर्तियों वाले मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। घटना के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मंदिर की सुरक्षा में हुई चूक को गंभीरता से लेते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले संबंधित गश्ती दल और स्थानीय चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।एसपी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक घटना तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के मठों और मंदिरों के प्रबंधन के साथ बैठक करें। सभी धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने, रात्रि प्रहरी की व्यवस्था सुनिश्चित करने और रात में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल की सुरक्षा में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



