
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध तस्करी और नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। 45वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) बीरपुर और बिहार पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष सतर्कता अभियान के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ और अवैध नेपाली शराब जब्त की गई है। इस संयुक्त कार्रवाई में सीमा पार से तस्करी कर लाया गया कुल 451 किलोग्राम गांजा तथा 77.325 लीटर नेपाली शराब बरामद की गई है।संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने सीमा स्तंभ संख्या-1500 के समीप कोसी नदी के किनारे गहन छानबीन की। इस दौरान तस्करों के नापाक मंसूबे का पर्दाफाश हुआ। झाड़ियों के बीच छिपाकर रखे गए 14 बड़े बंडलों से लगभग 451 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि शातिर तस्कर नदी मार्ग के जरिए गांजे की इस भारी-भरकम खेप को भारतीय सीमा में लाकर सुनसान जगह पर छिपा चुके थे। कागजी व कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत जब्त गांजे को आगे की कार्रवाई के लिए रतनपुर थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। इस अभियान में द्वितीय कमान अधिकारी जगदीश शर्मा, उपकमांडेंट सुमन सौरभ और सहायक कमांडेंट जगतार सिंह समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई में सीमा चौकी नियोर के जवानों ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। 30 जुलाई की रात भारत से नेपाल की ओर जा रहे एक संदिग्ध युवक को रोका गया। पकड़े गए तस्कर की पहचान नेपाल के सप्तरी जिले के निवासी राजेश शाह के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से लगभग 20 किलोग्राम प्रतिबंधित ‘प्रोटिट’ बरामद किया गया।
जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरामद सामग्री और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी को जब्त कर लैंड कस्टम कार्यालय, कुनौली के सुपुर्द कर दिया है।शराब तस्करों के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत एसएसबी की त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) और बिहार पुलिस ने बीरपुर के महादलित टोला स्थित सुधीर पंडित के ठिकाने पर छापेमारी की। वहाँ से 23.325 लीटर नेपाली सोफी/शराब बरामद कर आरोपी सुधीर पंडित को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा, सीमा चौकी शैलेशपुर के जवानों ने सीमा स्तंभ संख्या-206/4 के पास साइकिल से ले जाई जा रही 54 लीटर नेपाली शराब भी जब्त की। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान मौका पाकर तस्कर नेपाल की सीमा में भागने में सफल रहा। 45वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट गौरव सिंह ने इस बड़ी सफलता के बाद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया है कि भारत-नेपाल सीमा पर किसी भी प्रकार की तस्करी, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और अवांछनीय गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में चौकसी और गश्त को और अधिक बढ़ा दिया गया है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंका जा सके।



