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वोटिंग से ठीक पहले प्रशांत किशोर पर FIR, नीतीश के वीडियो पर विवाद बढ़ा

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान से ठीक पहले जन सुराज के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। 30 जुलाई को होने वाली वोटिंग से एक दिन पहले पटना के शास्त्री नगर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह शिकायत जेडीयू विधान पार्षद (एमएलसी) नीरज कुमार की ओर से दर्ज कराई गई है।

एफआईआर दर्ज कराने के दौरान नीरज कुमार के साथ जेडीयू के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वीडियो को फर्जी और एआई से तैयार किया गया बताया, जिससे पार्टी और उसके नेता की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। नीरज कुमार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा प्रत्याशी नीरज सिन्हा के समर्थन में एक वीडियो संदेश जारी किया था। वीडियो में उन्होंने मतदाताओं से एनडीए के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा था कि जनता के सहयोग और विश्वास से पिछले दो दशकों में बिहार में विकास की गति को आगे बढ़ाया गया है और इस विकास यात्रा को जारी रखने के लिए हर वोट महत्वपूर्ण है।

हालांकि, इस वीडियो पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने दावा किया कि यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। उनका कहना था कि एनडीए द्वारा जारी किया गया यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और नीतीश कुमार ने ऐसा कोई संदेश रिकॉर्ड नहीं किया है।

प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि यदि वीडियो को ध्यान से देखा जाए तो स्पष्ट रूप से पता चलता है कि उसमें एआई तकनीक का इस्तेमाल कर एडिटिंग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में दिखाई गई बातें नीतीश कुमार के वास्तविक बयान नहीं हैं और इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा।

अब मतदान से ठीक पहले इस विवाद ने बांकीपुर उपचुनाव की सियासी गर्मी और बढ़ा दी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

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