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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों का जश्न, कई इलाकों में बहाल हुआ यातायात

नीट पेपर लीक मामले को लेकर बुलाए गए बिहार बंद के दौरान शनिवार को पटना में प्रदर्शन उस समय नए मोड़ पर पहुंच गया, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आंदोलन कर रहे छात्रों तक पहुंची। गांधी मैदान में मौजूद छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताते हुए खुशी जाहिर की, नारे लगाए और एक-दूसरे को बधाई दी। इसके बाद डाकबंगला चौराहा समेत कई इलाकों में यातायात धीरे-धीरे सामान्य होने लगा, हालांकि शहर के कुछ हिस्सों में तनाव और झड़प की स्थिति बनी रही।

दिनभर चले प्रदर्शन के दौरान गांधी मैदान और आसपास का इलाका सबसे अधिक प्रभावित रहा। कई बार छात्रों और पुलिस के बीच आमना-सामना हुआ और दोनों ओर से पथराव की घटनाएं सामने आईं। इस हिंसा में गांधी मैदान थानाध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

उग्र प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने गांधी मैदान गेट नंबर-10 के पास स्थित ट्रैफिक पुलिस पोस्ट में तोड़फोड़ की। पुलिस के दो वाहनों को भी निशाना बनाया गया और उन्हें पलट दिया गया। वहीं डाकबंगला चौराहे सहित कई स्थानों पर पुलिस ने कार्रवाई कर प्रदर्शनकारियों को हटाया, जबकि कई जगह छात्रों ने भी पुलिस पर पथराव किया।

लगातार तनाव के कारण गांधी मैदान से जुड़े अधिकांश प्रमुख मार्गों पर घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, जिससे क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षा छावनी में तब्दील नजर आया। जाम और सुरक्षा जांच के चलते आम लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी।

सुबह के समय एनआईटी मोड़ पर बिहार बंद का समर्थन कर रहे छात्रों को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पीरबहोर थाना पुलिस ने छात्र नेता नीरज यादव को हिरासत में लिया। उनके हिरासत में लिए जाने के बाद उनके साथ मौजूद प्रदर्शनकारी वहां से हट गए।

स्थिति को देखते हुए गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा, आयकर गोलंबर, सचिवालय, विधानसभा, पटना जंक्शन, मुख्यमंत्री आवास और पटना हाईकोर्ट समेत सभी संवेदनशील इलाकों में बिहार पुलिस के साथ सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और एसएसबी के जवानों की तैनाती की गई। राजधानी की सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 14 कंपनियां लगाई गई थीं।

पटना के पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील भी की।

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