
बिहार विधानसभा के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले शुक्रवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने सदन की कार्यवाही को लेकर अपने-अपने विचार रखे। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य आगामी सत्र को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने की रणनीति तैयार करना था।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजयेंद्र यादव, भाजपा विधायक संजीव चौरसिया, राजद नेता कुमार सर्वजीत, लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल इमाम, आईपी गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी दलों ने सदन की कार्यवाही को लेकर अपने सुझाव भी दिए।
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
बैठक के बाद लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष बिहार में ही मौजूद नहीं रहते, तो सरकार को जवाबदेह कौन बनाएगा। उनका दावा था कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भी तेजस्वी यादव अक्सर सदन में नजर नहीं आते।
बांकीपुर उपचुनाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस सीट पर मुकाबला एकतरफा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चुनाव में प्रशांत किशोर अपनी राजनीतिक ताकत दिखा चुके हैं और जनता उसका परिणाम देख चुकी है।
बोलने का समय नहीं मिलने से नाराज आईपी गुप्ता
विधायक आईपी गुप्ता ने भी बैठक के बाद अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में सभी की बात सुनी जाती है, लेकिन सदन के भीतर विपक्षी विधायकों को अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें अब “एक मिनट वाला नेता” कहकर बुलाने लगे हैं। उनके अनुसार आगामी सत्र में हत्या, बलात्कार, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
विधानसभा पहुंचीं मैथिली ठाकुर
लोक गायिका मैथिली ठाकुर भी शुक्रवार को विधानसभा पहुंचीं और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। बांकीपुर उपचुनाव में प्रचार को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह अपनी पार्टी के लिए प्रचार करेंगी। वहीं प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दी जानी चाहिए।
विपक्ष ने उठाए जनहित के मुद्दे
राजद नेता कुमार सर्वजीत ने आरोप लगाया कि सदन में विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा का अवसर नहीं मिलता। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कार्यस्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने की मांग की ताकि हत्या, किसानों की समस्याओं और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से बहस हो सके।
तेजस्वी पर सवालों का दिया जवाब
तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार सर्वजीत ने कहा कि उनके विदेश में होने की बात का कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष मौजूद रहें या नहीं, राजद के विधायक सदन में जनता की आवाज बुलंद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जनता के मुद्दों की बजाय बार-बार तेजस्वी यादव की मौजूदगी को ही क्यों चर्चा का विषय बनाया जा रहा है।
हंगामेदार रहने के आसार
मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि 20 से 24 जुलाई तक चलने वाले विधानसभा सत्र में कानून-व्यवस्था, अपराध, किसानों की समस्याएं, भ्रष्टाचार और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे की संभावना बनी रहेगी।



