
न्यू करबिगहिया के बंटी कुमार यादव हत्याकांड को लेकर जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशी प्रशांत किशोर गुरुवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथ ही प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि कुछ दिन पहले जब वह परिवार से मिले थे, तब परिजन धरने पर बैठे थे। उस समय पुलिस ने भरोसा दिया था कि दो दिनों के भीतर लापता बंटी यादव का पता लगा लिया जाएगा। पुलिस के आश्वासन पर परिवार ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था, लेकिन बाद में उन्हें थाने में भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार पूरे दिन कोतवाली थाने में न्याय की उम्मीद लेकर बैठा रहा, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। बाद में फिर से पुलिस ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद बंटी यादव का शव मिलने की खबर सामने आई।
प्रशांत किशोर ने कहा कि पीड़ित परिवार की तीन प्रमुख मांगें हैं। पहली, हत्या में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। दूसरी, मामले में कथित लापरवाही बरतने वाले कोतवाली और जक्कनपुर थाना के संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो। तीसरी, परिवार को सरकारी मुआवजा और योग्य सदस्य को नौकरी दी जाए, ताकि आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को सहारा मिल सके।
सरकार पर हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि राज्य में बढ़ते अपराध सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस घटना के बाद अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए मृतक की छवि खराब करने का प्रयास कर रही है, जो पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस का दावा है कि मृतक किसी अवैध गतिविधि में शामिल था, तो उसके खिलाफ पहले कोई मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया। यदि कोई अपराध था तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनके अनुसार, यदि पुलिस के पास पहले से कोई रिकॉर्ड नहीं था, तो घटना के बाद इस तरह के आरोप लगाना पीड़ित परिवार के साथ अन्याय है।
प्रशांत किशोर ने मांग की कि सरकार इस पूरे मामले में अपनी जवाबदेही तय करे, दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाए और जिन पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही है, उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे।



