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खान सर को 3 जुलाई तक राहत, गिरफ्तारी पर फिलहाल लगी रोक

पटना के चर्चित कोचिंग विवाद और फायरिंग मामले में खान सर उर्फ फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली तारीख 3 जुलाई 2026 तय करते हुए विस्तृत सुनवाई को तब तक के लिए स्थगित कर दिया। मामले में तीन आरोपितों से जुड़े बिंदुओं पर बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड और रिपोर्ट तलब की है।

सुनवाई के दौरान दूसरे पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि गिरफ्तार किए गए एक बॉडीगार्ड के पास मौजूद हथियार का लाइसेंस उत्तर प्रदेश से जारी हुआ था, जबकि वह बिहार में उसी हथियार के साथ सुरक्षा ड्यूटी कर रहा था। इस पहलू को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने संबंधित थाना से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

इधर, पटना पुलिस दोनों सुरक्षाकर्मियों के हथियारों के लाइसेंस रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। पुलिस ने दोनों हथियारों को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिया है। यदि जांच में फायरिंग की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों को लाइसेंस निरस्त करने की अनुशंसा भेजी जाएगी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार तालेबर सिंह के नाम पर पंजीकृत था, जो उत्तर प्रदेश के कासगंज का निवासी है। जांच के अनुसार उसके लाइसेंस पर पूरे भारत में हथियार रखने की अनुमति नहीं थी और बिहार में हथियार लेकर सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए भी उसके पास आवश्यक वैध अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद वह पटना में निजी बॉडीगार्ड के रूप में कार्य कर रहा था।

वहीं दूसरे सुरक्षाकर्मी प्रदीप कुमार के हथियार की जांच में पता चला कि उसका लाइसेंस उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से जारी हुआ था। हालांकि उसके पास ऑल इंडिया परमिट था, लेकिन यह लाइसेंस उसे केवल आत्मरक्षा के उद्देश्य से प्रदान किया गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने निजी सुरक्षा कार्य में इस हथियार का इस्तेमाल कर लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया।

इन सभी तथ्यों को पुलिस ने अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है। फिलहाल दोनों सुरक्षाकर्मी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

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