
MLC चुनाव से पहले RJD में बवाल, शिवचंद्र राम के इस्तीफे पर रो पड़े नेता, तेज प्रताप यादव ने दिया साथ:
बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री Shivchandra Ram ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर वादाखिलाफी और उपेक्षा का आरोप लगाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वह इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े और वह फूट-फूटकर रोने लगे।
पार्टी नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप
शिवचंद्र राम ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक पार्टी के लिए ईमानदारी से काम किया, लेकिन उन्हें वह सम्मान और जिम्मेदारी नहीं मिली जिसकी उन्हें उम्मीद थी। उनका आरोप है कि पार्टी नेतृत्व ने कई बार आश्वासन दिए, लेकिन समय आने पर उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही उपेक्षा के कारण उन्हें यह कठिन फैसला लेना पड़ा।उनके इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक जानकार इसे RJD के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत मान रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब विधान परिषद चुनाव नजदीक हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छलका दर्द
इस्तीफे की घोषणा करने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवचंद्र राम काफी भावुक दिखाई दिए। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर और पार्टी के लिए किए गए संघर्षों का जिक्र किया। बात करते-करते उनकी आंखें नम हो गईं और वह रो पड़े।उनका यह भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थक और कई राजनीतिक कार्यकर्ता भी उनके प्रति सहानुभूति जता रहे हैं।
तेज प्रताप यादव ने किया समर्थन
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब Tej Pratap Yadav उनके समर्थन में सामने आए। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए शिवचंद्र राम के इस्तीफे को दुखद और पीड़ादायक बताया।तेज प्रताप ने लिखा कि शिवचंद्र राम जैसे पुराने और समर्पित नेता का इस तरह पार्टी छोड़ना चिंताजनक है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी को अपने पुराने और मेहनती नेताओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
राजनीति में बढ़ी हलचल
तेज प्रताप यादव के समर्थन के बाद इस मुद्दे ने और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दल भी इस मामले को लेकर RJD पर निशाना साध रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव से पहले पार्टी के भीतर इस तरह की नाराजगी नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकती है।हालांकि, RJD की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी के नेता स्थिति को संभालने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या RJD नेतृत्व शिवचंद्र राम को मनाने की कोशिश करेगा या फिर उनका इस्तीफा पार्टी और राजनीति दोनों में नए समीकरण पैदा करेगा। फिलहाल, उनके इस्तीफे और तेज प्रताप यादव के समर्थन ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। MLC चुनाव से पहले यह घटनाक्रम RJD के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।



