
बिहार की राजनीति में इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सरकारी आवास को लेकर चल रही बहस के बीच अब सुरक्षा में कटौती का मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए जाने से वे नाराज हो गईं। नाराजगी जताते हुए उन्होंने अपने सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों को वापस भेज दिया। इतना ही नहीं, बंगले के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी हटाने का निर्देश दे दिया गया। इस कदम के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
राबड़ी देवी का मानना है कि उनकी सुरक्षा में कमी करना उचित नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक भावना से प्रेरित है और इससे पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। पार्टी के कई नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा है।
इधर, इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब खबर सामने आई कि तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा वापस करने का फैसला किया है। तेजस्वी यादव को वर्तमान में वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। बताया जा रहा है कि वे दिल्ली से पटना लौट रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने भी नाराजगी जताई है।
राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा वापस करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के नेताओं के साथ भेदभाव कर रही है और उनकी सुरक्षा को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
दूसरी ओर, सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाती है और उसी के आधार पर बदलाव किए जाते हैं। सुरक्षा श्रेणियों में बदलाव कोई नई बात नहीं है और यह सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। राजद नेताओं का कहना है कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सत्ताधारी पक्ष का दावा है कि सुरक्षा संबंधी फैसले पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनावों से पहले ऐसे मुद्दे राजनीतिक रूप से काफी अहम हो जाते हैं। सुरक्षा और सरकारी आवास जैसे विषय आमतौर पर प्रशासनिक माने जाते हैं, लेकिन जब बड़े राजनीतिक नेताओं का नाम जुड़ जाता है तो यह राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाते हैं।
फिलहाल राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की सुरक्षा को लेकर शुरू हुआ यह विवाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में सरकार और राजद की ओर से इस मुद्दे पर और बयान सामने आ सकते हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।



