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31 अक्टूबर तक सुलझेंगी शिक्षकों के तबादले की सभी समस्याएं: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी

पटना। बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर चल रही प्रक्रिया जल्द ही अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचने वाली है। शिक्षा विभाग ने 31 अक्टूबर तक तबादले से जुड़ी सभी समस्याओं और मामलों के पूर्ण निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ के तहत पूरी प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी, ऑनलाइन और पूरी तरह से शिक्षक हित में संचालित किया जा रहा है।संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को पठन-पाठन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करना है। इसी रणनीति के तहत महिला शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड (Home Block) तथा पुरुष शिक्षकों को उनके गृह जिले (Home District) के भीतर ही पदस्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षकों का स्थानांतरण केवल उनके द्वारा दिए गए विद्यालय विकल्पों में से ही किसी एक में किया जाएगा; विकल्प के अतिरिक्त किसी अन्य विद्यालय में उन्हें नहीं भेजा जाएगा।शिक्षा विभाग द्वारा स्थानांतरण एवं समायोजन के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कुल 1,06,287 अधिशेष (सरप्लस) शिक्षकों में से 73,151 शिक्षकों (लगभग 70 प्रतिशत) ने स्वेच्छा से आवेदन किया है। इसके साथ ही, पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण के लिए भी 4,259 शिक्षकों ने अपने आवेदन समर्पित किए हैं।7 अगस्त से 9 सितम्बर: प्रथम चरण में जिला, प्रमंडल एवं राज्य स्तर पर गठित स्थापना समितियों द्वारा शिक्षकवार समायोजन सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसी अवधि में प्राप्त आपत्तियों एवं अपीलों का निष्पादन भी होगा। 10 से 14 सितम्बर: पारस्परिक स्थानांतरण (Mutual Transfer) के लिए प्राप्त आवेदनों का विधिवत निपटारा किया जाएगा। 17 सितम्बर से: सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इस चरण में वे शिक्षक भी आवेदन के पात्र होंगे, जो पूर्व की तिथि तक अपना आवेदन नहीं कर पाए थे। शिक्षा मंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए उन्होंने एक्शन मोड में काम करने की प्रतिबद्धता जताते हुए सभी शिक्षक संगठनों एवं प्रतिनिधियों को निरंतर संवाद और रचनात्मक सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया है।

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