
पटना। बिहार की सियासत और सूबे के विकास को करीब दो दशक तक नई दिशा देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को मोक्ष की भूमि गयाजी पहुंचे। अवसर था शारदीय नवरात्रि और दशहरा के पावन पर्व का, लेकिन शहर के राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा उनके एक कार्यक्रम की हो रही है। गया के प्रसिद्ध केदारनाथ मार्केट में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकर्ताओं द्वारा ‘20 साल बेमिसाल’ नामक एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया। हालांकि, इस पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा उनके बेहद संक्षिप्त प्रवास की रही। नीतीश कुमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और महज दो मिनट के भीतर ही बिना कोई भाषण दिए वहां से वापस लौट गए।आमतौर पर ऐसे राजनीतिक या विकासात्मक आयोजनों में नेताओं के लंबे संबोधन होते हैं, लेकिन नीतीश कुमार की इस खामोशी और जल्दबाजी ने सबको चौंका दिया। कार्यक्रम स्थल पर उनके स्वागत के लिए जदयू के तमाम स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भारी संख्या में उमड़े थे। कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि पूर्व मुख्यमंत्री अपने दो दशक के लंबे राजनीतिक सफर और सूबे में हुए बदलावों पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे और उन्हें मार्गदर्शन देंगे। लेकिन उद्घाटन की औपचारिकता पूरी करने के बाद उनका काफिला तुरंत अन्य कार्यक्रमों की ओर रवाना हो गया। इस संक्षिप्त उपस्थिति के बावजूद, पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। उनका मानना है कि नीतीश कुमार का वहां उपस्थित होना ही उनके प्रयासों को बल देने के लिए काफी है।
JDU की ‘20 साल बेमिसाल’ प्रदर्शनी
‘20 साल बेमिसाल’ प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य नीतीश कुमार के करीब दो दशक के शासनकाल में बिहार, और विशेष रूप से गया जिले में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों को आम जनता के सामने एक विहंगम दृश्य के रूप में प्रस्तुत करना है। जदयू नेताओं के अनुसार, यह प्रदर्शनी एक दर्पण की तरह है जो राज्य की विकास यात्रा को दर्शाती है। इसमें सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, और आधारभूत संरचना (सड़क, बिजली, पानी) में हुए सुधारों को तस्वीरों और पोस्टरों के माध्यम से बेहद आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी दशहरा तक चलेगी, ताकि पूजा के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ इसे देख सके और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक हो सके।इस प्रदर्शनी में गयाजी के धार्मिक, पौराणिक और पर्यटन महत्व से जुड़ी परियोजनाओं को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। बीते सालों में यहां कई महत्वपूर्ण विकास कार्य धरातल पर उतरे हैं, जिन्हें इस प्रदर्शनी में प्रमुखता से जगह दी गई है। आयोजकों का कहना है कि यह पहल लोगों को विकास कार्यों से अवगत कराने के साथ-साथ पार्टी और उसके नेतृत्व के प्रति कार्यकर्ताओं के अटूट सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।
महज 2 मिनट में खत्म किया कार्यक्रम
दशहरा के मौके पर लगाई गई यह प्रदर्शनी आम लोगों के लिए सूचना का एक बड़ा केंद्र बन गई है। मेला घूमने आ रहे लोग बड़ी संख्या में केदारनाथ मार्केट स्थित इस प्रदर्शनी को देखने पहुंच रहे हैं। भले ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंच से कोई शब्द नहीं कहा, लेकिन वहां सजे चित्र और आंकड़े उनके कार्यकाल की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। यह आयोजन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सरकार की विकासपरक योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पार्टी का जमीनी कैडर पूरी तरह से सक्रिय है।



