
बिहार में तेज रफ्तार रेल नेटवर्क को लेकर एक और बड़ी योजना सामने आई है। राज्य को जल्द ही 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन का लाभ मिल सकता है। केंद्र सरकार की हाई-स्पीड रेल परियोजना के तहत देश में सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी कॉरिडोर सबसे लंबा माना जा रहा है।
देश का सबसे लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर बनेगा
प्रस्तावित वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ेगा। यह रूट भविष्य में गुवाहाटी तक भी बढ़ाया जा सकता है। बिहार में यह कॉरिडोर बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज समेत कई जिलों से होकर गुजरने की संभावना है।
दिल्ली का सफर होगा और तेज
इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार से दिल्ली की यात्रा पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरी की जा सकेगी। जानकारी के अनुसार, बिहार में करीब 400 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड ट्रैक तैयार किया जाएगा। वहीं पटना, बक्सर और कटिहार में बुलेट ट्रेन स्टेशन विकसित किए जाने की भी योजना है।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
बुलेट ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें एक्टिव सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक सीट रोटेशन, आधुनिक शौचालय, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं, तथा महिलाओं और छोटे बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फोल्डिंग बेड जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल होंगी।
बिहार को होंगे कई बड़े फायदे
विशेषज्ञों का मानना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना केवल तेज यात्रा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे राज्य के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। जिन जिलों से यह कॉरिडोर गुजरेगा, वहां लॉजिस्टिक्स, उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा व्यवसाय के लिए बड़े शहरों तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी।



