
पटना। बिहार पुलिस महकमे और राज्य प्रशासनिक सेवा के लिए एक बड़ी और अहम खबर है। सूबे में विधि-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कमी को दूर करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने बिहार पुलिस सेवा (BPS) के 14 होनहार और अनुभवी अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रोन्नत कर दिया है। ‘सेलेक्ट लिस्ट 2025’ के आधार पर इन सभी 14 अधिकारियों को आईपीएस के बिहार कैडर में ही नियुक्त किया गया है। इस फैसले से पुलिस महकमे में खुशी की लहर दौड़ गई है।
इन होनहार अधिकारियों को मिला प्रमोशन
गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, जिन अधिकारियों को आईपीएस कैडर में प्रोन्नति मिली है, वे सभी लंबे समय से राज्य के अलग-अलग जिलों और अहम पुलिस विभागों में अपनी उत्कृष्ट और बेदाग सेवाएं दे रहे थे। इन होनहार अधिकारियों की सूची में कई प्रमुख नाम शामिल हैं।प्रमोट होने वाले अधिकारियों में कैलाश प्रसाद, संतोष कुमार, राज कुमार साह, कुमारी ममता कल्याणी, मो. मुत्तफीक अहमद, राजन सिन्हा, इम्तियाज अहमद, अजय नारायण यादव, सतीश कुमार, मो. शिब्ली नोमानी, कुंदन कुमार, स्मिता सुमन, राकेश कुमार और राजेश कुमार सिंह प्रभाकर शामिल हैं। इन सभी ने अपने कार्यकाल के दौरान बेहतरीन प्रशासनिक क्षमता का प्रदर्शन किया है।
राजपत्र में प्रकाशन का निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि आईपीएस कैडर मिलने के बाद भी ये सभी 14 अधिकारी तत्काल पूर्ण रूप से स्थायी नहीं माने जाएंगे। फिलहाल ये सभी अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर रहेंगे। इंडियन पुलिस सर्विस (प्रोबेशन) रूल्स, 1954 के कड़े नियमों के तहत इन सभी नवनियुक्त आईपीएस अधिकारियों को अपना प्रोबेशन पीरियड सफलतापूर्वक पूरा करना होगा। इसके साथ ही, निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुरूप इन्हें एक विशेष ‘इंडक्शन ट्रेनिंग’ भी प्राप्त करनी होगी। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद ही इन्हें आधिकारिक रूप से स्थायी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। गृह मंत्रालय के अवर सचिव उदय प्रकाश गुप्ता द्वारा जारी इस महत्वपूर्ण आदेश को भारत के राजपत्र (Gazette of India) के भाग-1, खंड 2 में प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए नई दिल्ली के मिंटो रोड स्थित शासकीय मुद्रणालय को पत्र भेज दिया गया है।माना जा रहा है कि बिहार पुलिस सेवा के इन 14 अनुभवी अधिकारियों के आईपीएस कैडर में आ जाने से राज्य में उच्च स्तर पर अधिकारियों की कमी काफी हद तक दूर होगी। चूँकि ये अधिकारी पहले से ही बिहार की भौगोलिक और आपराधिक पृष्ठभूमि से वाकिफ हैं, इसलिए इनके अनुभव का सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा और अपराध नियंत्रण में और अधिक तेजी आएगी।



