
पटना। बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल यानी RJD को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद अर्जुन राय ने RJD से इस्तीफा देने के बाद भारतीय जनता पार्टी यानी BJP का दामन थाम लिया है। उनका BJP में जाना चुनावी माहौल में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
अर्जुन राय ने RJD छोड़ने के बाद पार्टी की नीतियों और काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। इसके बाद 27 जुलाई को वह BJP में शामिल हो गए। BJP के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर अर्जुन राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों की तारीफ की।
BJP में शामिल होने के बाद अर्जुन राय ने बिहार के विकास के लिए ‘डबल इंजन सरकार’ को जरूरी बताया। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार होने से विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने खास तौर पर सीतामढ़ी के विकास की बात कही और कहा कि क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
अर्जुन राय का राजनीतिक सफर भी काफी लंबा रहा है। वह पहले जनता दल यूनाइटेड से जुड़े रहे और बाद में RJD में शामिल हुए। अब उनका BJP में जाना बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर को दिखाता है। उनके इस फैसले को RJD के लिए इसलिए भी झटका माना जा रहा है क्योंकि वह पार्टी के पुराने और प्रमुख नेताओं में रहे हैं।
अर्जुन राय के BJP में शामिल होने का समय भी काफी महत्वपूर्ण है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। RJD भी इस चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रचार कर रही है। इसी बीच पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का BJP में जाना RJD के लिए चुनौती बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
हालांकि, किसी नेता के पार्टी बदलने से चुनाव के नतीजे पर कितना असर पड़ेगा, इसका अंदाजा अभी लगाना जल्दबाजी होगा। चुनाव में स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार की लोकप्रियता, संगठन की ताकत और मतदाताओं का रुख भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कुल मिलाकर अर्जुन राय का RJD छोड़कर BJP में शामिल होना बिहार की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। एक ओर BJP इसे अपने संगठन को मजबूत करने के तौर पर देख रही है, वहीं RJD के लिए यह चुनाव से पहले एक राजनीतिक झटका है। अब देखना होगा कि अर्जुन राय के BJP में जाने का असर बांकीपुर उपचुनाव और सीतामढ़ी की राजनीति पर कितना पड़ता है।



