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सोनपुर में दिखा सीएम सम्राट चौधरी का अलग अंदाज: बाढ़ पीड़ितों के साथ पंगत में बैठकर खाया खाना

22 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में, सीएम ने संभाला मोर्चा: बांटी राहत सामग्री, सुनीं समस्याएं

पटना। बिहार में उफनती नदियों ने भारी तबाही मचा रखी है। गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक और बागमती के उफान से राज्य के 12 जिलों के लाखों लोग बेहाल हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वैशाली और सारण जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का सघन दौरा कर जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान सोनपुर में मुख्यमंत्री का एक अलग और बेहद संवेदनशील अंदाज देखने को मिला, जब उन्होंने न सिर्फ बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से भोजन परोसा, बल्कि कम्युनिटी किचन में उनके साथ पंगत में बैठकर खाना भी खाया। राज्य में बाढ़ की स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतों में करीब 22.42 लाख की आबादी बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित है। हालात का जायजा लेने निकले मुख्यमंत्री सबसे पहले हाजीपुर पहुंचे। यहां उन्होंने जढूआ में बनाए गए राहत शिविर का बारीकी से निरीक्षण किया। सीएम ने शिविर में रह रहे लोगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने वहां संचालित सामुदायिक किचन में बन रहे भोजन की गुणवत्ता को परखा। शिविर में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र का भी उन्होंने मुआयना किया और वहां मौजूद बच्चों से स्नेहपूर्वक मुलाकात की।

22 लाख से अधिक आबादी प्रभावित

आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से पीड़ितों के साथ खड़ी है, इसका संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान डूबने से जान गंवाने वाले लगभग आधा दर्जन लोगों के आश्रितों से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने मौके पर ही पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि के चेक सौंपे। साथ ही शिविर में मौजूद अन्य बाढ़ पीड़ितों के बीच आवश्यक राहत सामग्री का वितरण भी किया। हाजीपुर के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सारण जिले के सोनपुर पहुंचा। यहां के राहत शिविर में एक आत्मीय दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी किचन में कतार में बैठे बाढ़ पीड़ितों को पहले खुद खाना परोसा और फिर वहीं उनके बीच बैठकर भोजन ग्रहण किया। इस मौके पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी भी मौजूद रहे। दोनों शीर्ष नेताओं ने खाना खाते हुए पीड़ितों से बातचीत की और उनकी तकलीफों को करीब से समझा। सीएम ने मौके पर मौजूद आला अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि राहत शिविरों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भोजन, दवा और स्वच्छ पेयजल की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।

घट रहा है गंगा का जलस्तर, जल्द मिलेगी राहत

निरीक्षण के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरोसा जताया कि हालात जल्द सामान्य होंगे। उन्होंने कहा, “आपदा के समय स्वाभाविक रूप से थोड़ी परेशानी होती है, लेकिन संतोष की बात यह है कि गंगा का जलस्तर अब कम हो रहा है।” सीएम ने बताया कि गंगा के जलस्तर में करीब 17 से 18 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और अधिकारी पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो से तीन दिनों में स्थिति में व्यापक सुधार होगा, जिससे आम जनजीवन को बड़ी राहत मिलेगी।

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