राजस्व विभाग: सौ दिन का रिपोर्ट

सरकार के पूरे हुए 100 दिन – रिपोर्ट कार्ड के तौर पर उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा (Vijay Sinha, Deputy Chief Minister) ने उपलब्धियों का दिया ब्यौरा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जी और माननीय प्रधानमंत्री जी का जो बिहार की जनता से वादा था कि सुशासन और सुशासन से विकसित बिहार बनाने का और इसके लिए जो जिम्मेदारी हम लोगों को दी गई थी, राजस्व भूमि सुधार विभाग के 100 दिनों की उपलब्धियों को मीडिया के माध्यम से रखना चाहता हूँ ।
उन्होंने बताया कि “हम सबने मिल कर जिन बातों को लोग असंभव कहते थे, उसे संभव करने का प्रयास किया है जिसका परिणाम भी सामने आ रहा है । इन 100 दिनों में विधान सभा का सत्र भी था, वर्किंग डे भी कम थे, पर्व भी था उसके बावजूद राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और समेवत बनाने के लिए, हम सब लोगों ने मिलकर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में जमीन से जुड़े सभी कागजों को बिहार भूमि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा का शुभारंभ किया । आज प्रत्येक अञ्चल कार्यालय में सी एस सी केंद्र स्थापित किये गए जहां प्रशिक्षित सहायक प्रदान किये गए । जनसंवाद और शिकायत समाधान के लिए भूमि सुधार कल्याण संवाद की शुरुआत हमने 12 दिसंबर 2025 से किया । मैं अपने अधिकारियों का धन्यवाद देता हूँ कि 31 दिसंबर को जब लोग छुट्टी मनाते हैं, हम लोग सहरसा में बैठ कर 7 बजे शाम तक संवाद, समीक्षा और समाधान का काम कर रहे थे ।
विजय सिन्हा (Vijay Sinha)ने आगे बताया कि “अब तक लखीसराय, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णियाँ, सहरसा, गया, दरभंगा में हम लोगों ने लोगों की शिकायत को सुना है और उसके समाधान की प्रक्रिया को भी पूरा कर रहे हैं । छोटी टायपिंग की गलतियाँ जिन दस्तावेजों पर थीं, उनका सुधार लगभग पूरा होने की स्थिति में है । जिसमें और कोई कमी है उसकी भी हम लोग फिर समीक्षा करने जा रहे हैं । खाता, खेसरा, लगान एवं अन्य त्रुटियों के सुधार के लिए हमने 35 दिनों का समय दिया है । विशेष एवं जटिल मामलों के जांच के बाद सुधार के लिए हमने 75 कार्य दिवस की सीमा तय की है ।
अविवादित भूमि की मापी का हमने 7 दिनों का सीमा तय किया था और विवादित भूमि की मापी 11 दिनों में, 14 दिनों में मापी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया ।
सभी DM, SP को पत्र जारी कर स्पष्ट किया गया कि भूमि विवाद और राजस्व न्यायिक प्रक्रिया का विषय है, पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना है । पुलिस द्वारा जमीन पर जा कर कब्जा दिलाना और निर्माण कराने की संस्कृति को हमने समाप्त किया । बिना सक्षम आदेश के हस्तक्षेप पर कड़ी कार्यवाही का भी हमने निर्देश दिया ।
SC / ST परचाधारियों के लिए हमने, जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी की शुरुआत भी हमने की ।
वांसावली निर्गत करने की नई व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों में वंशावली जारी करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारियों को सौंपा गया । पारिवारिक बंटवारा पोर्टल की शुरुआत, दाखिल-खारिज के लिए एक साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा हमने बनाई, इससे सभी हिस्सेदार के नाम स्वतः अलग-अलग दाखिल-खारिज हो जाएंगे ।
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