
बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने की दिशा में न्यायालय ने एक कड़ा संदेश दिया है। शराब तस्करी के एक मामले में अनन्य उत्पाद न्यायालय (प्रथम) के विशेष न्यायाधीश राजकुमार चौधरी ने मुख्य अभियुक्त को दोषी करार देते हुए आठ वर्ष के सश्रम कारावास तथा दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।सजायाफ्ता अभियुक्त की पहचान बंजरिया थाना क्षेत्र के अजगरी नायका टोला निवासी राजेंद्र साह के पुत्र गुड्डू कुमार के रूप में हुई है। यह मामला मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 117/2024 से संबंधित है।अभियोजन पक्ष के अनुसार, 6 मार्च 2024 को पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मिशन चौक पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक कार की तलाशी लेने पर उसमें से 144 पीस फ्रूटी (शराब) बरामद की गई। मौके से कार चालक, कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र के गवंद्री निवासी विनय सिंह के पुत्र निरंजन कुमार को गिरफ्तार किया गया था।वहीं, जांच अभियान के दौरान ही एक पिकअप वाहन की तलाशी में 2,127 पीस टेट्रा पैक शराब की बड़ी खेप बरामद हुई और उसके चालक गुड्डू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
वाद संख्या 556/2024 के विचारण (ट्रायल) के दौरान विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने अभियोजन की ओर से कुल सात गवाहों को प्रस्तुत किया। अदालत में विचारण के दौरान दोनों नामजद अभियुक्त फरार हो गए थे। बाद में पुलिस की तत्परता से गुड्डू कुमार की दोबारा गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद उसके विरुद्ध वाद को पृथक कर सुनवाई पूरी की गई। मामले का दूसरा अभियुक्त निरंजन कुमार अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। साक्ष्यों एवं गवाहों के पुख्ता बयानों के आधार पर न्यायालय ने गुड्डू कुमार को बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(ए) एवं 41 (1) के तहत दोषी पाया और यह कड़ी सजा मुकर्रर की। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि अभियुक्त द्वारा न्यायिक हिरासत (जेल) में पहले से बिताई गई अवधि को उसकी कुल सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।



