
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर बंगाल में भाजपा जीतती है, तो वे सेवा और न्याय की लड़ाई से खुद को अलग कर लेंगे। साथ ही उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए दावा किया कि राज्य में पार्टी का जनाधार खत्म हो चुका है और ममता बनर्जी के नेतृत्व में फिर से एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनेगी।
दूसरी ओर, जेडीयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने असम को लेकर अलग तस्वीर पेश की है। उनका कहना है कि विभिन्न एजेंसियों के आकलन के मुताबिक असम में भाजपा को दो-तिहाई बहुमत मिल सकता है और हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार की वापसी तय मानी जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में है और ममता बनर्जी की विदाई के संकेत मिल रहे हैं।
राजीव रंजन प्रसाद ने आगे कहा कि पुदुचेरी में भी भाजपा सरकार बनने की संभावना है, जबकि तमिलनाडु में AIADMK और भाजपा के गठबंधन को लेकर कड़ी टक्कर देखी जा रही है। उनके मुताबिक अभिनेता विजय की पार्टी भविष्य में सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकती है। वहीं केरल में भाजपा का फोकस फिलहाल अपना वोट प्रतिशत बढ़ाने पर है, जहां पारंपरिक रूप से दो बड़े गठबंधनों के बीच मुकाबला होता रहा है।
आरजेडी नेता मनोज झा ने एग्जिट पोल पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे इन्हें ज्यादा महत्व नहीं देते और इसे सट्टा जैसा मानते हैं। उन्होंने कहा कि असली तस्वीर 4 तारीख को नतीजों के साथ साफ होगी। साथ ही उन्होंने मतदान प्रतिशत और लंबित मामलों को लेकर भी चिंता जताई, आगें उन्होंने कहा कि अगर नए मतदाता जुड़ते हैं तो उनकी जिम्मेदारी किसकी होगी।देखा जाये तो अलग-अलग नेताओं के बयानों से साफ है कि बंगाल और असम चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है और हर पार्टी अपने-अपने दावे कर रही है।



