
दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सांसद पप्पू यादव माथे पर पट्टी और हाथ में बड़ी सी लाठी लेकर संसद भवन पहुंचे। उनका यह वेश देखकर एक पल के लिए सुरक्षाकर्मी भी चकरा गए। हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि बिहार के सीवान में नीट (NEET) पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस फायरिंग के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन था। उधर, पैलेट गन और पेपर लीक के मुद्दे पर सत्ता पक्ष व विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।संसद परिसर में मीडिया से मुखातिब होते हुए पप्पू यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीवान में नीट पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्रों पर एके-47 (AK-47) से गोलियां चलाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में डर का माहौल है और कब किसे गोली मार दी जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। बकौल पप्पू यादव, “मैं छात्रों के हक में आवाज बुलंद करने के लिए यह रूप धरकर आया हूँ।”निर्दलीय सांसद ने पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधान की अक्षमता के कारण ही पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिसके अवसाद में आकर 26 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। पप्पू यादव ने कहा कि पूरे देश में भारी विरोध के बाद अंततः धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन भाजपा उन्हें एक नायक की तरह पेश कर रही है।
उन्होंने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि संसद परिसर में ऐसे व्यक्ति को ‘मिथिला पाग’ पहनाकर सम्मानित किया गया, जिसे वे मिथिला के गौरव और अस्मिता का सीधा अपमान मानते हैं।मंगलवार को संसद परिसर अखाड़ा बना रहा। एक ओर जहां विपक्ष ने सरकार को घेरा, वहीं सत्ता पक्ष ने भी जवाबी हमला बोला:विपक्ष का प्रदर्शन: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, केसी वेणुगोपाल और महुआ मोइत्रा समेत कई दिग्गज विपक्षी नेताओं ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। एनडीए का पलटवार: दूसरी ओर, एनडीए (NDA) सांसदों ने भी पंजाब में हुए कथित पेपर लीक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया।लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में नारेबाजी और हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की।उन्होंने कहा कि ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के लिए समय तय किया गया है। स्पीकर ने कहा, “सदन चलने दीजिए, बातचीत हो। गतिरोध पैदा मत करिए। हमारी भी बात सुनिए और अपनी बात भी रखिए।” हालांकि, विपक्ष के लगातार हंगामे के आगे उनकी एक न चली, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।



