
जहानाबाद। जिले की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी (डीएम) छिरिड़ वाई भूटिया ने मखदुमपुर स्थित मध्य विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने न केवल बच्चों के बीच बैठकर मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) का स्वाद चखा और उसकी गुणवत्ता जांची, बल्कि विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं का भी कड़ाई से जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की कम उपस्थिति देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कुल 948 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन मौके पर महज 558 बच्चे ही उपस्थित पाए गए। वहीं, 20 शिक्षकों वाले इस विद्यालय में केवल 17 शिक्षक ही मौजूद मिले। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षकों को शिक्षा के स्तर में सुधार लाने और बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।
आधी-अधूरी उपस्थिति देख नाराज हुईं डीएम
लापरवाही का आलम यह था कि जांच के दौरान विद्यालय में मध्याह्न भोजन (MDM) से संबंधित पंजियों (रजिस्टर) का संधारण भी सही तरीके से नहीं पाया गया। इस घोर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से विद्यालय के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया है। स्कूल के निरीक्षण के दौरान शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब और असंतोषजनक मिली। गंदगी देखकर डीएम ने संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने विद्यालय परिसर और शौचालयों को हमेशा स्वच्छ रखने की सख्त हिदायत दी।जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे बच्चों को केवल भोजन ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्रदान करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने और बच्चों को एक बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। लापरवाही बरतने वाले किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।



