
मोतिहारी । पूर्वी चंपारण जिले में जाली नोटों के तस्करों के खिलाफ मोतिहारी पुलिस ने एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई की है। जिले के तुरकौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरा गांव के समीप पुलिस की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर नकली नोटों की एक बड़ी खेप बरामद की है। पुलिस ने मौके से करीब पांच लाख रुपये के जाली नोट जब्त किए हैं। इस दौरान जाली नोटों के काले कारोबार से जुड़े एक संदिग्ध तस्कर को भी रंगेहाथ हिरासत में लिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई से जिले में सक्रिय नकली नोट के सिंडिकेट और तस्करों में भारी हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात को विश्वस्त सूत्रों से यह गुप्त सूचना मिली थी कि तुरकौलिया इलाके में जाली नोटों की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है। तस्कर इस खेप को जिले के विभिन्न ग्रामीण बाजारों और छोटे व्यवसायियों के बीच खपाने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने त्वरित कार्रवाई का कड़ा निर्देश दिया। इसके बाद सदर वन के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सादे लिबास में भी जवानों को तैनात किया गया था। टीम ने त्वरित योजना बनाते हुए सेमरा के पास सघन वाहन चेकिंग और नाकेबंदी शुरू कर दी। चेकिंग अभियान के दौरान ही एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर छिपने और वहां से भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे खदेड़ कर दबोच लिया। जब हिरासत में लिए गए संदिग्ध व्यक्ति की सघन तलाशी ली गई, तो उसके पास से भारी मात्रा में भारतीय मुद्रा बरामद हुई। सूक्ष्म जांच करने पर पता चला कि ये सभी नोट जाली हैं।
अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं तार
सूत्रों के अनुसार, बरामद किए गए इन नकली नोटों का कुल मूल्य लगभग पांच लाख रुपये आंका गया है। पुलिस फिलहाल पूरी जब्ती सूची तैयार कर रही है और नोटों की गुणवत्ता की भी बारीकी से जांच की जा रही है। पूर्वी चंपारण जिला नेपाल सीमा से सटा होने के कारण अक्सर जाली नोटों और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए अत्यंत संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि बरामद किए गए जाली नोटों के तार किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह या सीमा पार बैठे आकाओं से जुड़े हो सकते हैं। हिरासत में लिए गए तस्कर से पुलिस की विशेष टीम अज्ञात स्थान पर लगातार कड़ी पूछताछ कर रही है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी तेज
पुलिस यह उगलवाने का प्रयास कर रही है कि वह यह खेप कहां से लाया था और जिले में किन-किन सफेदपोशों या स्थानीय एजेंटों को इसकी डिलीवरी दी जानी थी। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर अब इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने की तैयारी चल रही है। हिरासत में लिए गए तस्कर की निशानदेही पर पुलिस की कई टीमें जिले के अन्य संभावित ठिकानों के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों में भी लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कारोबार में सफेदपोशों की कोई भूमिका तो नहीं है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर पुलिस ने पूरी जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन संभावना है कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस एक बड़ी प्रेस वार्ता कर पूरे रैकेट का पर्दाफाश करेगी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की इलाके में काफी सराहना हो रही है।



